Mandi: पदमा डोलकर के गीतों पर नाचे दर्शक

रिवालसर –राज्य स्तरीय छेश्चू मेला रिवालसर की पहली सांस्कृतिक संध्या एक शाम हिमालयी संस्कृति के नाम में लेह-लद्दाख, किन्नौर, लाहुल-स्पीति के लोक गायकों ने अपनी मधुर एवं धमाकेदार प्रस्तुतियों से खूब समां बांधा। लाहुल स्पीति ईको टूरिज्म सोसायटी के बैनर तले आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक संध्या में लद्दाख की सुर कोकिला पदमा डोलकर ने अपनी सुरीली आवाज में लद्दाखी, लाहुल स्पीति और हिंदी गाने, जिसमें जिकस्तेन तोपे सी योद और मेरे ख्वाबो में जो आए, परदेसिया ये सच है पिया पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वॉयस ऑफ लद्दाख फैजल खान ने शमशोक, न्याई सेम खेर सोंए लाहुली गीत अमा जुले, री जंगपी शवा देमो आदि एक से बढ़कर एक गीत गाकर पंडाल में खूब धूम मचाई।
वॉयस ऑफ कार्निवाल लाहुल के युवा कलाकार अनिल सूर्यवंशी ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद लद्दाखी कलाकारों ने लोक नृत्य पेश किए। स्पीति की कलाकार वॉयस ऑफ स्पीति कलजंग छूनित ने स्पीति गीत के साथ किन्नौरी और लाहुली गीत भी गाए। कार्यक्रम में मंडी सुनीता भारद्वाज, साहिल नेगी, राजीव नेगी जुरमेद नेगी सहित हंगरंग, रुद्रा दा अल्टीमेट कुल्लू, चुलिंग किन्नौर, जंस्कर व लद्दाख स्टूडेंट वेलफेयर दिल्ली के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सांस्कृतिक संध्या में मुख्यातिथि के तौर पर बैजनाथ शरबलिंग मोनेस्ट्री के गुरु ताई सितु रिंपोछे ने शिरकत करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत द्वीप प्रज्वलित कर की। इस अवसर पर उन्होंने ईको टूरिज्म के वर्ष 2020 के कैलेंडर का भी अनावरण किया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष लाभ सिंह, तहसीलदार बल्ह राजेंद्र ठाकुर, लाहुल स्पीति ईको टूरिज्म के अध्यक्ष रिगजिन हयरपा, अध्यक्ष रमेश फारक, कार्यकारी अधिकार अशोक ठाकुर, पार्षद रोजी सोनी, विमला देवी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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