Recent Posts

Breaking News

Kangra: कोरोना…झंडा रस्म तक सिमटी सल्याणा छिंज


पंचरुखी-1846 के बाद शायद यह पहली बार है कि ऐतिहासिक सल्याणा छिंज झंडा रस्म के बाद सिमट गई।  आज यह छिंज मैदान बिलकुल सुना है । यहां आज के दिन मेला पूरे यौवन पर होता था। साथ परीक्षा परिणाम के बाद यह 31 मार्च  का दिन बच्चों के शोर व हवा में उड़ते झूलों में लोगों हो-हल्ला के बीच बाजों के गूंज सुनाई देती थी। पहलवानों का धोबी पछाड़ में सीटियों से कुश्ती स्थल गूंज जाता, लेकिन आज महामारी के चलते सब सिमट गया और मैदान सुनसान नजर आया। कभी महामारी से बचने के लिए शुरू हुए इस मेले पर आज महामारी का कर्फ्यू लग गया। अब जब देश इस महामारी से उभर जाएगा, तो आने वाकई वर्ष में फिर यह मेला उसी तरह ओर बेहतर रूप में मनाया जाएगा। यही उम्मीद लोगों के चेहरों में नजर आई। आज लोग देश के साथ खड़े हो आपदा से जंग लड़ रहे है, जबकि चंद मुनाफा खोरों के लिए यह दिन मेले से कम नहीं है। उनके लिए तो शायद यह 31 मार्च ऐतिहासिक सल्याणा छिज से बड़ी छिंज होकर रह गई है।  सरकार को इस विषय में जरूर कदम उठाने चाहिए, जिन्होंने मजबूर लोगों को लूटा है। इस विषय में पूर्व आयोजक एवं उपप्रधान गदियाड़ा   वेद प्रकाश ने कहा कि उनके जीवन मे पहली बार ऐसा हुआ है कि कोरोना वायरस  की समाप्ति पर अगले वर्ष  धूमधाम से मनाया जाएगा ।

No comments