Hamirpur: बाबा बालकनाथ मंदिर ट्रस्ट भर रहा भूखों का पेट

बिझड़ी-कोरोना वायरस के चलते बाबा बालकनाथ मंदिर के कपाट बंद हो चुके हैं। चैत्र मास मेलों के दौरान मंदिर में बेशुमार रौनक रहती थी, लेकिन अब वहां एकदम सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन संकट के इस समय में भी मंदिर ट्रस्ट भूखे लोगों को भोजन उपलब्ध करवाकर सराहनीय काम कर रहा है। मंदिर अधिकारी-कर्मचारियों व एक युवा क्लब के सहयोग से बोरों में भरकर सैकड़ों क्विंटल राशन जिला के अलग-अलग इलाकों में प्रवासियों के लिए भेजा जा रहा है। बताते चलें कि भूखों को अन्न देने के लिए ट्रस्ट द्वारा 19 लाख रुपए राशन खरीदने के लिए खर्चे जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रस्ट के पास कई क्विंटल चावल के स्टॉक व दानियों द्वारा दिये जा रहे दान को भी जरूरतमंद लोगों में बांटा जा रहा है।
हालांकि इस काम में और तेजी लाने के लिए मैन पावर बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत दिखाई दे रही है। हैल्प क्लब से जुड़े युवा सुबह से शाम तक बिना रुके 500 से 600 पैक तैयार कर पा रहे हैं। ऐसे में अगर और ज्यादा पैक तैयार करने हों तो मुश्किलें पेश आ सकती हैं। पिछले लगभग एक हफ्ते से बाबा बालकनाथ हैल्प क्लब से जुड़े 25 स्थानीय युवा सुबह से शाम तक राशन की पैकेजिंग का काम कर रहे हैं। इनके द्वारा अलग अलग बोरो में 10 किलो आटा, पांच किलो चावल, दो किलो दालें व एक लीटर तेल पैक किया जा रहा है। सुबह से शाम तक इनके द्वारा लगभग 600 बोरों में खाद्य सामग्री भरी जा रही है।
मंदिर अधिकारी ओमप्रकाश लखनपाल का कहना है कि प्रशासन के आदेशों पर एक क्लब से जुड़े युवाओं के सहयोग से खाद्य सामग्री के पैक तैयार किए जा रहे हैं। अभी तक 990 गरीब प्रवासी परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की जा चुकी है। उन्होंने दानी सज्जनों से इन पुण्य काम में भाग लेने की अपील करते हुए कहा है कि वे दियोटसिद्ध, बड़सर तहसील, बिझड़ी तहसील या अपनी स्थानीय पंचायत में दान दे सकते हैं। बाबा बालकनाथ हैल्प क्लब प्रधान अमित शर्मा का कहना है कि उनके 25 सदस्य स्वेच्छा से इस नेक काम में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि उन्हें खुशी है कि उन्हें ये नेक काम करने का मौका बाबाजी के चरणों में मिल रहा है।
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