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Shimla: IGMC के आइसोलेशन वार्ड में व्यक्ति की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लगे लापरवाही के आरोप

ruckus on death of person in isolation ward of igmc

शिमला: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएससी में चिकित्सकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। यहां पर चिकित्सकों की लापरवाही से लोअर बाजार के रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई है, ऐसे में अस्पताल में चिकित्सक व परिजनों के बीच जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। यहां तक कि चिकित्सकों ने मरीज के संदिग्ध तौर पर कोरोना वायरस के टैस्ट लिए थे लेकिन रिपोर्ट नैगेटिव आई है।

लोअर बाजार शिमला के रहने वाले नितिन शर्मा नामक युवक ने आरोप लगाए हैं कि उनके पिता कुलदीप शर्मा बीते 3 साल से एसओपीडी के मरीज थे, उन्हें सांस लेने में दिक्कत आती थी। 7 मार्च को ही उन्हें आईजीएससी से डिस्चार्ज किया गया था लेकिन 27 मार्च को फिर से उन्हें दिक्कत आ गई, जिस पर उन्हें फिर से आईजीएससी ले जाया गया। वे आईजीएससी में तकरीबन 6.30 बजे पहुंच गए थे लेकिन चिकित्सकों ने मरीज को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में डाल दिया।

आरोप हैं कि कोई भी चिकित्सक व नर्स आइसोलेशन वार्ड में नहीं आए। वहां पर सिर्फ एक कर्मचारी ही था। जब डॉक्टरों को कॉल की गई तो भी वे मरीज को देखने नहीं आए। जब ज्यादा दिक्कत हुई तो परिजनों ने 10.30 बजे एमएस से शिकायत की। उनके कहने पर भी कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। डॉक्टर 11.30 बजे मरीज को देखने आया और उसने एक कोरोना वायरस का टैस्ट लिया व कुछ अन्य टैस्ट एसआरएल लैब में जांच के लिए भेजे। आरोप हैं कि मरीज का इस दौरान बीपी तक चैक नहीं किया जबकि मरीज काफी समय पहले से एसओपीडी का था।

नितिन का कहना है कि उसने अपने पिता का पिछला सारा रिकॉर्ड भी डॉक्टरों को दिखाया था फिर भी उन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहां पर डॉक्टरों ने उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जबकि डॉक्टर व नर्सें ड्यूटी रूम में मौजूद थे। जब उसके पिता की मौत हो गई तभी चिकित्सक उन्हें देखने आए। नितिन का आरोप है कि जब उसने अपना पक्ष रखा तो डॉक्टर ने बदतमीजी की। परिजनों ने इस मामले की शिकायत आईजीएससी प्रशासन सहित पुलिस चौकी लक्कड़ बाजार में की है और मामले की जांच में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

उधर, आईजीएससी के एमएस डॉ. जनक राज ने बताया कि परिजनों ने हमारे पास शिकायत की है। हमने मामले की जांच के आदेश दे दिए हंै। मामले में सच व झूठ क्या है। इसका फिलहाल पता नहीं है। मामले की जांच के बाद ही रिपोर्ट आने पर कुछ बताया जा सकता है। मामले को लेकर गंभीरता से जांच की जा रही है।

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