संविधान से हटाया जाएगा 'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्द? सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज एक बेहद अहम मामले पर फैसला सुनाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट पूर्व पीएम दिवंगत इंदिरा गांधी के कार्यकाल में संविधान में किए गए एक अहम संशोधन पर फैसला सुनाएगा।
बता दें कि संविधान की प्रस्तावना से 'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्द हटाने की मांग वाली याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय आज फैसला सुनाने जा रहा है।
कब जोड़े गए थे शब्द
1976 में संविधान की प्रस्तावना में 42वें संशोधन के माध्यम से यह शब्द जोड़े गए थे। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा है कि इमरजेंसी के दौरान गलत तरीके से प्रस्तावना को बदला गया था। समाजवाद जैसी किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा को देश के संविधान का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता।
साथ ही याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावना को 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा ने स्वीकार किया था और बिना उस तारीख को बदले सीधे प्रस्तावना में बदलाव कर देना सही नहीं था, इसे हटाना चाहिए।
ग्रेप-4 पर भी आएगा फैसला
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के हलफनामे पर नाराजगी जताई थी और सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि हम हलफनामे से संतुष्ट नहीं है। कोर्ट ने ग्रैप 4 के पॉइंट नंबर एक तथा दो को पर भी नाराजगी जताई है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि सभी एंट्री पॉइंट वाली जगहों पर एक चेक पोस्ट बने। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि GRAP 4 को लागू रखना है या नहीं, इस पर हम सोमवार को फैसला करेंगे। अब आज देखना होगा सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला करता है।
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