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पीलीभीत एनकाउंटर में जब SP अविनाश पांडे के आसपास से निकलीं गोलियां, खौफनाक नजारे की पूरी कहानी

 

Pilibhit SP IPS Avinash Pandey
Pilibhit SP IPS Avinash Pandey

Pilibhit Encounter Update: पंजाब के गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला करने के मामले में कथित रूप से संलिप्त तीन संदिग्ध खालिस्तानी आतंकवादी सोमवार को पीलीभीत में उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए. पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित ‘खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स’ मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी करार दिया. वहीं, एनकाउंटर वाले समय क्या-क्या हुआ था इसका पूरा विवरण सामने आ गया है. बता दें कि मुठभेड़ के वक्त मौके पर मौजूद पूरनपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार त्यागी ने पूरी घटना की विस्तार से जानकारी दी है, जिसे आप खबर में आगे जान सकते हैं.

प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार त्यागी की ओर दी गई तहरीर में उन्होंने बताया कि जब उन्हें खालिस्तानी आतंकवादी जसनप्रीत सिंह, रवि और गुरविंदर सिंह की जिले में होने की जानकारी मिली तो वह पुलिस फोर्स के साथ उन्हें पकड़ने की कोशिश में लग गए. इस बीच उन्हें पता चला कि तीनों एक बाइक पर सवार होकर पीलीभीत की ओर जा रहे हैं. आतंकियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने एक न सुनी.   

गोलियों की होती रही बौछार

तहरीर में प्रभारी निरीक्षक त्यागी ने बताया कि एक जगह रास्ता बंद होने के बाद तीनों आतंकियों ने बाइक छोड़ दी और जान से मारने की नियत से पुलिस फोर्स पर फायरिंग करने लगे. इसे देख पुलिस वाले गाड़ी से उतरे और गोलियों से बचने की कोशिश में लग गए. इसी बीच एक गोली बोनट पर सामने की तरफ लगी और शीशा तोड़ते हुए पार हो गई. ये सब देखते हुए  प्रभारी निरीक्षक त्यागी ने आतंकवादियों को 'बुलंद आवाज' में समर्पण करने की अपील की, लेकिन उन्होंने एक न सुनी. आतंकी ऑटोमैटिक हथियारों से गोलियों की बौछार करते रहे. 

एसपी के पास से निकली गोलियां 

तहरीर में बताया गया है कि घटना की सूचना मिलने के बाद जिले के एसपी अविनाश पांडे मौके पर पहुंचे और एनकाउंटर का हिस्सा बन गए. खुद एसपी ने पुलिस टीम का नेतृत्व किया और आतंकियों को आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन उन्होंने फायरिंग जारी रखी. इस बीच कई गोलियां एसपी अविनाश पांडे के आसपास से भी निकलीं. तहरीर में दावा किया गया है कि इस जोखिम भरी मुठभेड़ में किसी भी वक्त किसी भी पुलिसकर्मी की जान जा सकती थी. हालांकि बाद में पुलिस ने अपना 'जौहर' दिखाते हुए तीनों आतंकियों को मार गिराया.  

 

गौरतलब है कि ये तीनों आतंकी पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर पुलिस थाना क्षेत्र के निवासी थे और इन पर कलानौर में बख्शीवाला पुलिस थाने पर हमला करने का आरोप था. आतंकवादी संगठन केजेएफ ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर इस आतंकी कृत्य की जिम्मेदारी ली थी. 

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