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Crime News: हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज बिलासपुर का प्रिंसीपल सस्पेंड, यौन उत्पीडऩ मामले मेंं गिरी गाज

 


बिलासपुर की बंदलाधार पर स्थित गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल कम डायरेक्टर को जांच में दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया गया है। छेड़छाड़ मामले की जांच कर रही कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई की है। प्रिंसीपल का हेडक्वार्टर तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर फिक्स किया गया है। 

अभी विभागीय जांच चल रही है लिहाजा विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने यह खुलासा किया है। उन्होंने दोटूक कहा कि इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता लिहाजा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

जानकारी के अनुसार छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज बंदला के प्राचार्य को सरकार ने निलंबित कर दिया है। सरकार ने यह निर्णय छेड़छाड़ मामले में गठित जांच कमेटी द्वारा सरकार को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर किया है। जांच रिपोर्ट में प्राचार्य के खिलाफ काफी सुबूत मिले हैं और ज्यादातर सुबूत उनके खिलाफ ही बताए जा रहे हैं। 

बताया जा रहा है कि जांच कमेटी ने 35 छात्राओं के बयान लिए थे जिसमें संबंधित छात्राओं ने प्रधानाचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। गत 21 मई को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें संबंधित प्राचार्य पर एक प्रशिक्षु छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ करते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो किसी और ने वायरल किया था। 

वीडियो वायरल होने के बाद 22 मई को कालेज परिसर में विद्यार्थियों ने रात को जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी प्राचार्य को सुरक्षित निकालकर सदर थाना लाई थी जहां पर आरोपी को नोटिस पर छोड़ दिया गया था। यहां बता दें कि यह मामला 19 मार्च 2024 का है। पीडि़ता के बयान के मुताबिक 19 मार्च 2024 को वह अपने होस्टल के बाहर सहेलियों के साथ थी तब अचानक तबीयत खराब होने के कारण उसे चक्कर आ गया।

होस्टल की बार्डन द्वारा इसकी सूचना प्राचार्य को दी गई जिस पर प्रधानाचार्य कालेज की सरकारी गाड़ी में चालक के साथ मौके पर पहुंचे और उसे उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर पहुंचाया गया। पीडि़ता के बयान के अनुसार अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सक ने उसे दाखिल कर लिया तथा कुछ दवाई लिखकर दी। 

पीडि़ता के मुताबिक जब चालक दवा लेने गया हुआ था उस समय प्रधानाचार्य ने अस्पताल में उसके बैड के पास बैठकर उसके पांव और टांगों को स्पर्श किया। छात्रा ने इस व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए कहा था कि इससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंची है। छात्रा की सहेलियों ने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। छात्रा घटना के बाद मानसिक तनाव में थी और कॉलेज प्रबंधन से जुड़े होने के कारण उसने तत्काल शिकायत दर्ज करवाने से परहेज ही किया था। इस मामले की एक शिकायत ई-समाधान पर भी गत 8 अप्रैल को की गई थी। 

यह शिकायत भी सुंदरनगर इंजीनियरिंग कालेज के एक पूर्व छात्र द्वारा की गई थी। बहरहाल, जांच कमेटी की ओर से विभाग के आलाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी गई जिसमें प्राचार्य को दोषी पाया गया। इस आधार पर सरकार ने प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जांच कमेटी कर रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर बंदला हाइड्रो कॉलेज के प्राचार्य को सस्पेंड कर दिया गया है। प्राचार्य को हेडक्वार्टर तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर फिक्स किया गया है
राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश

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