BJP ने अनदेखा किया पर्यटन, हमने हब बनाया, CM बोले, व्यवस्था परिवर्तन से विकसित हो रहा प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने की दिशा में वर्तमान प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की अवधारणा को साकार करते हुए पर्यटन को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय आजीविका और सतत आर्थिक विकास से जोड़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। सत्ता में रहते हुए बीजेपी न तो कोई ठोस पर्यटन नीति बना सकी और न ही प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक व सतत् उपयोग की दिशा में कोई गंभीर प्रयास किया। विशेष रूप से राज्य के विशाल जल संसाधन बीजेपी सरकारों की उदासीनता और दूरदृष्टि के अभाव के कारण उपेक्षित पड़े रहे।
वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इन विफलताओं को स्वीकार करते हुए और उनसे सबक लेते हुए जल-पर्यटन और ईको-पर्यटन को विकास के प्रमुख स्तंभ के रूप में अपनाया है, जो यह दर्शाता है कि जो काम बीजेपी वर्षों में नहीं कर पाई, उसे वर्तमान प्रदेश सरकार ने स्पष्ट नीति और इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ाया है।
पोंग डैम झील, जो एक अंतरराष्ट्रीय महत्त्व का ‘रामसर वेटलैंड’ क्षेत्र है, बीजेपी के शासनकाल में न तो संरक्षण के लिहाज से प्राथमिकता में रही और न ही पर्यटन विकास के मानचित्र पर। कांग्रेस सरकार ने पोंग डैम को भारत के प्रमुख पक्षी-दर्शन स्थलों में विकसित करने की ठोस पहल की है। इतना ही नहीं, गोबिंद सागर झील (बिलासपुर) और तत्तापानी जैसे स्थल दशकों तक बीजेपी सरकार की फाइलों में ही सिमटे रहे। न बुनियादी ढांचा विकसित किया गया, न स्थानीय युवाओं को जोड़ा गया।
जल-पर्यटन केंद्र विकसित
कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही जलाशय क्षेत्रों को आधुनिक जल-पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित कर यह स्पष्ट कर दिया कि विकास की राह इच्छाशक्ति से होकर गुजरती है, केवल घोषणाओं से नहीं। आज शिकारा, स्पीड बोटिंग, हाउसबोट, जेट-स्की और वॉटर स्कूटर जैसी गतिविधियां इन क्षेत्रों में न केवल पर्यटन बढ़ा रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हंै, जो बीजेपी के शासन में संभव नहीं हो सका।
कांग्रेस सरकार की ईको-पर्यटन नीति के अंतर्गत विभिन्न वन मंडलों में 77 नए ईको-पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना शुरू की है, जिसके तहत होम-स्टे, होटल और फूड वैन जैसे उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
टूरिज्म सतत् विकास का मजबूत मॉडल
मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार आज हिमाचल प्रदेश में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की निष्क्रियता और विफल नीतियों से स्पष्ट रूप से अलग रास्ता चुना। आज पर्यटन केवल राजस्व का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सशक्तिकरण और सतत विकास का मजबूत मॉडल बन रहा है। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार ईमानदार नीयत और स्पष्ट दृष्टि के साथ काम करती है, तो व्यवस्था परिवर्तन केवल नारा नहीं, बल्कि साकार वास्तविकता बन जाता है।
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