Nobel Peace Prize: पूरी हुई ट्रंप की मुराद, मचाडो ने भेंट किया अपना नोबेल शांति पुरस्कार

वॉशिंगटन। नोबेल शांति पुरस्कार (2025) से सम्मानित मारिया कोरिना मचाडो ने अपना प्रतिष्ठित पुरस्कार अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया । राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को मचादो से मुलाकात के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”आज वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो से मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी। वह एक अद्भुत महिला हैं जो बहुत कुछ झेल चुकी हैं।
मारिया ने मेरे द्वारा किए गए कार्यों के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार भेंट किया। आपसी सम्मान का कितना अद्भुत भाव है। धन्यवाद मारिया!’ दूसरी ओर नोबेल समिति और नोबेल संस्थान ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि एक बार नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के बाद उसे हस्तांतरित, साझा या रद्द नहीं किया जा सकता है।
नोबेल समिति ने उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दी जिनमें कहा गया था कि मारिया कोरिना मचाडो ने 15 जनवरी, को व्हाइट हाउस में अपनी मुलाकात के दौरान अपना पदक ट्रंप को उपहार के रूप में सौंप दिया। समिति ने कहा, “एक बार नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद, इसे रद्द नहीं किया जा सकता, न ही साझा किया जा सकता है और न ही दूसरों को हस्तांतरित किया जा सकता है। यह निर्णय अंतिम है और हमेशा के लिए मान्य रहता है।”
नोबेल संस्थान के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि हालांकि एक व्यक्तिगत उपहार के रूप में पदक किसी और को दिया जा सकता है, लेकिन ‘नोबेल शांति पुरस्कार विजेता’ का आधिकारिक खिताब स्थायी रूप से मूल प्राप्तकर्ता के पास ही रहता है। यह पुरस्कार स्वयं में अपरिवर्तनीय है। मचाडो ने व्हाइट हाउस में एक निजी बैठक के दौरान अपना सोने का नोबेल पदक ट्रंप को भेंट किया और इसे निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने में ट्रंप की भूमिका के लिए वेनेजुएला के लोगों की ओर से आभार के रूप में प्रस्तुत किया।
मचाडो ने पदक को एक फ्रेम में जड़वा रखा था। इस फ्रेम के साथ उन्होंने एक छोटा सा पत्र भेंट किया, जिसपर लिखा था ” डोनाल्ड जे. ट्रंप को आभार स्वरूप, शक्ति के माध्यम से शांति को बढ़ावा देने, कूटनीति को आगे बढ़ाने और स्वतंत्रता एवं समृद्धि की रक्षा करने में आपके असाधारण नेतृत्व के लिए।” नोबेल पुरस्कार विजेता ने कहा कि यह पुरस्कार वेनेजुएला के लोगों की ओर से कृतज्ञता के व्यक्तिगत प्रतीक के रूप में भेंट किया किया गया है। यह स्वतंत्र वेनेजुएला सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की निर्णायक कार्रवाई की मान्यता है।
गौरतलब है कि ट्रंप लंबे समय से इस पुरस्कार में रुचि रखते हैं। उन्होंने पुष्टि की कि वह इस पदक को अपने पास रखने का इरादा रखते हैं। नोबेल समिति ने इस प्रतीकात्मक आदान-प्रदान के बावजूद, इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप को आधिकारिक तौर पर नोबेल पुरस्कार विजेता के रूप में मान्यता नहीं दी गई है।
नोबेल समिति ने अक्टूबर 2025 में मचाडो के लिए पुरस्कार की घोषणा करते समय कहा था कि उन्होंने मारिया कोरिना मचाडो को ‘वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने में उनके अथक कार्य’ 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही समिति ने यह भी कहा था कि यह पुरस्कार मचादो को देश में ‘तानाशाही’ के खिलाफ लड़ने और से ‘लोकतंत्र’ के लिए अथक संघर्ष करने हेतु प्रदान किया जा रहा है।
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