सांसद बहु प्रिया सरोज का नाम सुनते ही रिंकू सिंह के पिता ने हंसते हुए कही थी ये बात...
Rinku Singh Father about MP Bahu: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के घर में जहां शादी की शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली थी वहां आज मातम पसरा है. रिंकू के पिता खानचंद्र सिंह का 27 फरवरी की सुबह ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया. इस बीच क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह रिंकू और सपा सांसद प्रिया सरोज की शादी की चर्चा पर खिलखिलाकर मुस्कुरा रहे हैं.लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था महज 3 महीने बाद जून 2026 में होने वाली शादी की खुशियों से पहले ही पिता की अर्थी उठ गई. टी-20 वर्ल्ड कप के बीच में पिता की नाजुक हालत सुनकर घर लौटे रिंकू के लिए यह घड़ी किसी चुनौती से कम नहीं है.
जब सांसद बहू के सवाल पर झलकी थी खुशी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा खानचंद्र सिंह का यह वीडियो उनकी सादगी की गवाही दे रहा है. जब उनसे पूछा गया कि 'बहू तो आपकी सांसद (प्रिया सरोज) हैं.शादी अलीगढ़ में होगी या जौनपुर में?' तो वे बड़े प्यार से मुस्कुराते हुए कहते हैं 'अभी कह नहीं सकता भैया,अलीगढ़ से भी हो सकती है और कहीं से भी... बस अभी बातचीत चल रही है.' उनकी आंखों की वह चमक बता रही थी कि वे बेटे के सिर पर सेहरा देखने के लिए कितने खुश थे.
कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग
खानचंद्र सिंह की हालत पिछले कुछ दिनों से काफी गंभीर थी. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. लेकिन कैंसर की आखिरी स्टेज होने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. 27 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. रिंकू सिंह जो देश के लिए मैदान पर पसीना बहा रहे थे. पिता की खबर मिलते ही तुरंत अलीगढ़ पहुंचे.
जून 2026 में होनी थी शादी लेकिन अब बढ़ सकती है तारीख
रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है. जून 2025 में लखनऊ के एक लग्जरी होटल में दोनों की भव्य सगाई हुई थी. जानकारी के मुताबिक, दोनों इसी साल जून 2026 में शादी के बंधन में बंधने वाले थे. लेकिन अब पिता के आकस्मिक निधन के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शादी की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है.
गरीबी से स्टारडम तक का सारथी चला गया
रिंकू सिंह को गरीबी के अंधेरे से निकालकर स्टारडम की रोशनी तक पहुंचाने में उनके पिता का सबसे बड़ा हाथ था. गैस सिलेंडर ढोने का काम करने वाले खानचंद्र सिंह ने खुद कष्ट सहे लेकिन बेटे के सपनों को टूटने नहीं दिया. आज जब बेटा कामयाबी के शिखर पर है और अपना घर बसाने जा रहा था. तब वह पिता ही साथ छोड़ गया जिसने इस मुकाम के लिए नींव तैयार की थी.
No comments