‘हमारी भी शादी करा दे सरकार’, गरीबो का सहारा है ये योजना…आवेदन कर चुके 1784 जोड़े बेसब्री से तारीख का कर रहे हैं इंतजार…

गाजीपुर : उत्तर प्रदेश में 1784 कुंवारों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अपनी शादी करवाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। महीनों से इन युवाओं और उनके परिवारों की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए शुरू की गई थी। पहले इस योजना के तहत एक जोड़े की शादी पर सरकार 51 हजार रुपये खर्च करती थी, जिसे पिछले वित्तीय वर्ष में बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया। इसी कारण इस योजना के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है।
योजना की खासियत यह है कि इसमें जाति और धर्म का कोई बंधन नहीं है। हिंदू जोड़ों की शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों से होती है, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह काजी द्वारा संपन्न कराया जाता है। गाजीपुर जिले में यह योजना 2017 से लागू है और अब तक 7967 जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न कराया जा चुका है।
पिछले वित्तीय वर्ष में शासन ने 799 शादियों का लक्ष्य निर्धारित किया था, जबकि समाज कल्याण विभाग ने 796 शादियां संपन्न कराईं। लक्ष्य लगभग पूरा होने के बावजूद बड़ी संख्या में आवेदन लंबित रह गए।
शादी के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किए जाते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1784 जोड़े ऐसे हैं, जिन्होंने आवेदन कर दिया है, लेकिन उनकी शादी की तिथि तय नहीं हो सकी है। मार्च में वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण नए आवेदनों पर फिलहाल कार्रवाई संभव नहीं है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव के अनुसार, लंबित आवेदनों को अगले वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता दी जाएगी। जैसे ही नया बजट जारी होगा और शादी की तिथियां घोषित होंगी, इन सभी जोड़ों की शादी उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कराई जाएगी।
No comments