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हिस्ट्रीशीटर ‘सुल्तान’ निकला हिंदू, 21 साल से पहचान छिपाकर रह रहा था ‘नरेश’, संभल की मस्जिद भी जाता था; यक्ष एप से खुला राज

मुरादाबाद के पाकबड़ा क्षेत्र से एक बड़ी गिरफ्तारी हुई है, जिसने बीस वर्षों से पुलिस की नजरों से बचकर अपने आप को सुल्तान नाम से पेश कर रहा था। यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि हाशमपुर गोपाल निवासी हिस्ट्रीशीटर नरेश है, जो 21 साल पहले अपने गांव से फरार हो गया था। पुलिस की सूचना और जांच में एक नई पहचान बनाने के बाद, पुलिस ने शनिवार को डींगरपुर मार्ग से उसे गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, नरेश ने खुद को मुस्लिम पहचान दी थी और मस्जिद भी जाने लगा था। वह एक कमरे में किराए पर रहकर मेहनत मजदूरी करने लगा और मुस्लिम समाज के लोगों के साथ मिलकर अपनी दिनचर्या चलाने लगा। वह इतना चालाक था कि उसने अपने असली नाम, पहचान और जुर्मों को छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी बना रखे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 21 साल पहले नरेश अपने गांव हाशमपुर गोपाल से फरार हो गया था। लंबे समय तक उसकी तलाश की जाती रही, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। कुछ दिनों पहले ही यक्ष ऐप पर उसकी तस्वीर अपलोड की गई, जिसके माध्यम से उसकी पहचान हुई। नखासा पुलिस ने भी इस फोटो को यक्ष ऐप पर डालकर उसकी तलाश शुरू कर दी। जब पुलिस को पता चला कि वही नरेश है, तो उसकी तलाश तेज कर दी गई।

शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी डींगरपुर रोड पर है। तुरंत ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम नरेश स्वीकार किया। पकड़े जाने के बाद उसके पास से कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें दो आधार कार्ड, तीन वोटर आईडी, एक पैन कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, प्रथमा बैंक का स्मार्ट कार्ड और एक लेटर हेड शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजों का उपयोग उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए किया।

पुलिस को जानकारी मिली कि नरेश पर लूट और डकैती के नौ मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी कई साल जेल में रहा है। अपने नए नाम और पहचान के साथ वह कई शहरों में घूमता रहा और अपराध करता रहा। पुलिस की लगातार निगरानी से परेशान होकर उसने अपने घर-परिवार को छोड़ दिया और नई पहचान बनाकर संभल में रहने लगा।

पुलिस ने उसके खिलाफ पाकबड़ा, मैनाठेर, ठाकुरद्वारा और अमरोहा के डिडौली में दर्ज मुकदमों के आधार पर मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया है।

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि यह पुलिस की बड़ी सफलता है। 21 साल बाद आरोपी को यक्ष ऐप के माध्यम से पकड़ना एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था। यह गिरफ्तारी लंबे समय से फरार नरेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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