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रात को 12 बजे केबिन में बच्चियों को बुलाता था, पुलिस रेड में खुला ईंट भट्ठा मालिक का गंदा कांड

Bihar : बिहार के सहरसा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक भयावह मामला सामने आया है, जिसने राज्य की कानून व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक रसूखदार ईंट भट्ठा मालिक, ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया, पर असम से आए गरीब मजदूरों की नाबालिग बेटियों के साथ यौन उत्पीड़न, बंधक बनाने और जुल्म का आरोप लगा है।

मामला जिले के एक ईंट भट्ठे का है, जहां करीब 100 मजदूर परिवार असम से रोजी-रोटी की तलाश में आए थे। इन मजदूरों का आरोप है कि चुन्ना मुखिया रात के 12 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक अपनी केबिन में नाबालिग बच्चियों को जबरन बुलाता था और उनके साथ दरिंदगी करता था। यह अपराध तब और भी जघन्य हो जाता है जब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी को हाथ में सिगरेट लिए एक नाबालिग बच्ची को नाचने के लिए मजबूर करते हुए देखा गया है।

मजदूरों ने बताया कि उनके विरोध करने पर उन्हें रोंगटे खड़े कर देने वाली सजा दी जाती थी। आरोप है कि मजदूरों को बंदूक की नोक पर डराया-धमकाया जाता था, उन्हें जेसीबी मशीन से बांधकर लटकाने और करंट के झटके देने की घटनाएं भी हुई हैं। एक बुजुर्ग मजदूर को बंधक बनाकर करंट लगाने का भी आरोप है। सबसे अमानवीय घटना तब हुई जब शनिवार रात, एक महिला ने अपनी बेटी को आरोपी के चंगुल से बचाने का प्रयास किया, तो चुन्ना मुखिया ने महिला की जांघ में गोली मार दी।

घटना की जानकारी मिलते ही सहरसा पुलिस प्रशासन हरकत में आया। एसपी के निर्देश पर एसआईटी (SIT) का गठन किया गया और डॉग स्क्वायड के साथ भट्ठे पर छापेमारी की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मुखिया और उसके मुंशी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मौके से सात नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित निकाला है।

डीएसपी ओम प्रकाश के अनुसार, चुन्ना मुखिया पहले से ही हत्या और लूट जैसे 33 आपराधिक मामलों में वांछित है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), एससी-एसटी एक्ट तथा हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। घायल महिला का इलाज सदर अस्पताल में जारी है, वहीं रेस्क्यू की गई बच्चियों का मनोवैज्ञानिक और चिकित्सकीय काउंसलिंग कराई जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे शोषण की खबर पहले क्यों नहीं मिल सकी और स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

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