चिट्टा तस्करों पर पुलिस का डंडा, मुख्यमंत्री सुक्खू के एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के तहत 19 बड़े नेटवर्क ध्वस्त
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के तहत शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस अभियान के अंतर्गत न केवल एनडीपीएस मामलों की जांच को और मजबूत किया है, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से गहन जांच करते हुए नशा तस्करी के बड़े नेटवर्कों तक पहुंच बनाई है।
पुलिस की रणनीति अब केवल छोटे पेडलरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज के जरिए मुख्य सप्लायरों और सरगनाओं को पकडऩे पर फोकस किया गया है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2026 में अब तक साढ़े तीन महीनों में ही 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। शिमला पुलिस ने बाहरी राज्यों से संचालित नशा नेटवर्कों पर भी बड़ा प्रहार किया है।
इस साल 27 प्रमुख सप्लायरों और सरगनाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो 2025 के मुकाबले लगभग तीन गुना और 2024 के मुकाबले करीब सात गुना अधिक है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि वर्ष 2026 में अब तक 19 बड़े नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया है, जो नेपाल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, केरल और उत्तर प्रदेश से संचालित हो रहे थे।
प्रमुख मामलों में करीब एक करोड़ रुपए की एलएसडी की बरामदगी और सात आरोपियों की गिरफ्तारी जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अंबाला नेटवर्क से 288 ग्राम चिट्टा बरामदगी व नेपाल से लाई गई 11.5 किलोग्राम अफीम की खेप पकड़ी जाना और 12 लाख रुपए नकद जब्त करना शामिल है। इसके अलावा लंबे समय से फरार चल रहे शाही महात्मा गैंग के सरगना को भी गिरफ्तार किया है।
इन कार्रवाईयों से साफ है कि शिमला पुलिस अब नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को तोडऩे की दिशा में काम कर रही है। इस अभियान के चलते न केवल तस्करी के नेटवर्क कमजोर हुए हैं। शिमला पुलिस ने चिट्टा मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और इस अभियान में जनता के सहयोग के लिए आभार जताया है।

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