इज्जत की कीमत सिर्फ ₹500? अमरावती के उस फ्लैट की दीवारें आज भी अहमद अयान की ‘डर्टी गेम’ की गवाही दे रही हैं!.
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा इलाके में युवतियों के यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने का मामला एक बड़े और संगठित अपराध के रूप में सामने आया है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप की स्थिति है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अहमद अयान परतवाड़ा के कठोरा नाका क्षेत्र में एक रिहायशी फ्लैट को अपराध के लिए इस्तेमाल करता था। आरोप है कि वह भोली-भाली युवतियों को बहला-फुसलाकर वहां लाता था, जहां उनके साथ दुष्कर्म कर गुप्त रूप से आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे। बाद में इन वीडियो का इस्तेमाल पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने और उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर करने में किया जाता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे रैकेट में एक सहयोगी भी शामिल था, जिसे प्रति लड़की करीब 500 रुपये दिए जाते थे ताकि वह युवतियों को बहला-फुसलाकर फ्लैट तक पहुंचा सके। पुलिस को आशंका है कि इस फ्लैट में कई अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं, जिनकी जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए परतवाड़ा-अचलपुर पुलिस स्टेशन के छह पुलिसकर्मियों को हटाकर कंट्रोल रूम में अटैच कर दिया है। इन अधिकारियों में सलीम शेख, अब्दुल नाजिम, शुभम वर्मा, मयूर गुरव, मोहन वावरे और पुरुषोत्तम बावनेर के नाम शामिल हैं।
अब तक पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालिया कार्रवाई में दो और गिरफ्तारी हुई है। कोर्ट ने उजेर खान, तरबेज खान और मोहम्मद साद सहित अन्य आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि उजेर खान ने स्वीकार किया है कि उसने आपत्तिजनक वीडियो आगे भेजे थे, जिससे इस रैकेट के संगठित नेटवर्क की पुष्टि होती है। पुलिस को अब तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें भी बरामद हुई हैं।
घटना के बाद परतवाड़ा शहर में आक्रोश और दहशत का माहौल है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जो यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार कहीं अन्य राज्यों या शहरों से तो नहीं जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़िताओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया जारी है।

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