नीले ड्रम में सीमेंट से सील लाश मिलने वाले केस में 21 अप्रैल को बड़ी पेशी, इसी महीने आ सकता है फैसला.

Meerut : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित और दिल दहला देने वाले सौरभ हत्याकांड में इंसाफ की घड़ी करीब आ गई है। मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में जिस बेरहमी से सौरभ की हत्या कर उसके शव को ठिकाने लगाया गया था, उस मामले में अब न्यायालय अंतिम सुनवाई की ओर बढ़ रहा है। वकीलों के कार्य से विरत रहने के कारण पिछली सुनवाई नहीं हो सकी थी, जिसके बाद अब 21 अप्रैल को मुख्य आरोपियों मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की अदालत में अहम पेशी होने जा रही है।
नीले ड्रम में कैद थी वो खौफनाक वारदात
यह मामला 3 मार्च 2025 की रात का है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ की नृशंस हत्या कर दी थी। हैवानियत यहीं नहीं रुकी; साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने सौरभ के शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट के घोल से पूरी तरह सील कर दिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और जांच के बाद मजबूत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की थी।
धारा 351 के तहत न्यायालय पूछेगा तीखे सवाल
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि इस केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। अब तक इस मामले में 22 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। वर्तमान में यह केस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 (जिसे पहले सीआरपीसी की धारा 313 के रूप में जाना जाता था) के चरण में पहुंच चुका है। इस प्रक्रिया में अदालत गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुस्कान और साहिल से सीधे सवाल पूछेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी और फैसले की उम्मीद
सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 21 अप्रैल को आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जा सकती है। यदि आरोपी अपनी सफाई में कोई अतिरिक्त गवाह या साक्ष्य पेश नहीं करते हैं, तो अदालत में अंतिम बहस शुरू हो जाएगी। कानूनी जानकारों और अभियोजन पक्ष का मानना है कि जिस गति से कार्यवाही चल रही है, उसे देखते हुए इसी महीने अप्रैल के अंत तक सौरभ हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला आ सकता है। अब सबकी निगाहें न्यायालय के अगले रुख पर टिकी हैं।
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