साक्षर, दीपक और देवेश करते थे ट्रांसजेंडर अवंतिका से प्यार, इन तीनों लड़कों में एक की हो गई हत्या
बुलंदशहर नगर कोतवाली क्षेत्र के साक्षर कौशिक को क्या पता था कि जिन दोस्तों के साथ वह परीक्षा पास होने का जश्न मनाने जा रहा है, वही उसकी मौत का फरमान लिख चुके हैं. बीती 30 मार्च की शाम साक्षर के मोबाइल की घंटी बजी. दूसरी तरफ उसका दोस्त दीपक था. उसने बड़े प्यार से उसे सिकंदराबाद के एक सुनसान आम के बाग में बुलाया. बहाना था परीक्षा में पास होने की खुशी में शराब पार्टी. साक्षर बेखबर था कि उस बाग में दीपक के साथ देवेश, शुभम और अमन उर्फ अवंतिका पहले से ही मौत का जाल बिछाए बैठे थे.
पुलिस ने तफ्तीश के बाद जो दावा किया है वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है. दरअसल इस पूरी कहानी के केंद्र में था अमन उर्फ अवंतिका (ट्रांसजेंडर). साक्षर, दीपक और देवेश, ये तीनों ही अवंतिका के प्यार की गिरफ्त में थे. लेकिन अवंतिका अब साक्षर से पीछा छुड़ाना चाहती थी. आरोप है कि अवंतिका ने दीपक के साथ मिलकर साक्षर को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
ईंट, डंडे और गड्ढे में दफन राज
शराब के दौर के बीच अचानक विवाद शुरू हुआ. देखते ही देखते दोस्तों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. ईंट और डंडों से साक्षर को तब तक पीटा गया जब तक इसकी मौत नहीं हो गई. पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने बाग के सन्नाटे में ही एक गहरा गड्ढा खोदा और साक्षर की लाश जमीन में दफन कर दी.
अपर पुलिस अधीक्षक शंकर प्रसाद ने बताया कि देवेश की निशानदेही पर साक्षर का क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने मौके से मृतक का पर्स, आधार कार्ड और कत्ल में इस्तेमाल हुई खून से सनी ईंट भी बरामद की है. अवंतिका, देवेश और शुभम अब सलाखों के पीछे हैं जबकि मुख्य साजिशकर्ता दीपक अभी भी फरार है.
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