‘मुझे बंगाल आने में असहज…’, पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा- ‘मुझे दीदी के गढ़ में सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा’

पश्चिम बंगाल चुनाव : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बीजेपी की विधायक मैथिली ठाकुर ने हुगली में एक बयान दिया है, जो चर्चा का केंद्र बन गया है। सोमवार, 20 अप्रैल को हुगली में मौजूद मैथिली ठाकुर ने मीडिया से बातचीत के दौरान बंगाल में 2026 में बदलाव का दावा किया।
मैथिली ठाकुर ने कहा- मुझे बंगाल में आकर थोड़ा असहज महसूस हो रहा था
मैथिली ठाकुर ने कहा, “मुझे बंगाल में आकर थोड़ा असहज महसूस हो रहा था, क्योंकि चुनाव के दौरान विपक्ष के कार्यकर्ता पत्थरबाजी कर रहे थे, वसूली कर रहे थे, दलाली कर रहे थे। मुझे वहाँ सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा था। लेकिन जब मैं अपने बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच में खड़ी हूं, तो मैं बिना डर के घूम सकती हूं। क्योंकि मुझे पता है कि मेरे भाई लोग मेरे साथ हैं।”
उन्होंने आगे ममता बनर्जी से जुड़े मीडिया के सवाल पर कहा, “दीदी तो कुछ भी बोल सकती हैं, विपक्ष का काम है कि वह कुछ भी बोले। हमारा काम है कि जनता की सेवा करें, अपनी माताओं-बहनों की सेवा करें।”
हुगली में मौजूदगी के दौरान, एक सवाल के जवाब में मैथिली ठाकुर ने बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “दीदी कुछ भी बोल सकती हैं। विपक्ष का काम है कुछ भी बोलने का, और हमारा काम है जनता की सेवा करने का। मैं बिहार की बेटी हूं, और हम बहुत सुरक्षित हैं। मुझे बंगाल आने में कोई परेशानी नहीं है।”
सवाल पूछा गया कि ममता बनर्जी कहती हैं कि बिहार और यूपी की महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो इस पर उन्होंने जवाब दिया, “दीदी के बोलने से कुछ नहीं होगा। हम खुद बिहार से हैं। बिहार की बेटी हैं। वहां अपराध होते हैं तो 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी हो जाती है।”
बिहार की इस सांसद और विधायक ने बंगाल में 2026 में बदलाव का दावा किया है। उन्होंने कहा, “इस बार बंगाल जागेगा।”
पत्रकारों ने अंत में पूछा कि कहा जाता है कि चुनाव के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जाता है, तो इस पर मैथिली ठाकुर ने कहा, “मुझे नहीं लगता। जब मैं वहां जा रही थी, तो मैंने देखा कि ममता दीदी की गाड़ी आराम से जा रही थी। कहां किसी को परेशान किया जा रहा है?”
No comments