एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी के बाद भाई ने कर दिया बड़ा खुलासा, खोल दिया ये राज!
Salim Vastik Arrested: "गलत आदमी का साथ देना भी गुनाह है, इसलिए हमने सालों पहले उससे नाता तोड़ लिया था." यह कहना है शामली के रहने वाले मुजफ्फर हसन का जो दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सलीम वास्तिक के सगे भाई हैं. एक्स मुस्लिम नाम से मशहूर और 31 साल पुराने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए सलीम वास्तिक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार कर लिया.
सलीम की गिरफ्तारी के बाद यूपी Tak की टीम जब उसके पैतृक गांव शामली के नानूपुरा पहुंची, तो परिवार ने उससे किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार कर दिया. सलीम के भाई मुजफ्फर हसन ने बताया कि उन्हें सलीम की गिरफ्तारी की जानकारी भी मीडिया से मिली.
मुजफ्फर के मुताबिक, सलीम ने करीब 25-30 साल पहले ही शामली का घर छोड़ दिया था. परिवार का सलीम से कोई लेना-देना नहीं है. जो गलत आदमी है, गलतकारी है, उसका साथ देना भी गुनाह है और उसके साथ रहना ही कलंक है." मुजफ्फर ने साफ किया कि उन्हें यह भी नहीं पता कि सलीम दिल्ली या गाजियाबाद में क्या काम कर रहा था.
क्या है 31 साल पुराना वो हत्याकांड?
सलीम वास्तिक जिसका असली नाम सलीम खान है. वह एक जघन्य अपराध का दोषी है. 20 जनवरी 1995 को दिल्ली में 13 वर्षीय मासूम संदीप बंसल का अपहरण किया गया था. फिरौती मांगने के बाद बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. साल 1997 में कोर्ट ने सलीम खान को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. साल 2000 में सलीम जमानत पर बाहर आया और उसके बाद फरार हो गया. पिछले 25 सालों से वह दिल्ली पुलिस को चकमा दे रहा था.
पहचान बदलकर 25 साल तक छिपता रहा सलीम
जमानत पर बाहर आने के बाद सलीम ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी. वह सलीम खान से सलीम अहमद बना और फिर 'सलीम वास्तिक' के नाम से मशहूर हो गया. इस दौरान वह शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों में अपनी लोकेशन बदल-बदल कर रहता रहा.
मौत को दी मात, पर पुलिस से नहीं बच पाया
सलीम वास्तिक हाल ही में तब चर्चा में आया था जब इसी साल 27 फरवरी 2026 को दो भाइयों ने उसके ऑफिस में घुसकर उस पर जानलेवा हमला किया था. उस हमले में सलीम बच गया था और हमलावर पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गए थे. अस्पताल से ठीक होकर लौटने के बाद सलीम को लगा था कि वह सुरक्षित है, लेकिन शनिवार सुबह लोनी स्थित उसके घर पर क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर उसे दबोच लिया. 31 साल पहले जिस अपराध को अंजाम दिया गया था, उसके लिए अब सलीम वास्तिक को वापस सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
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