‘कुछ हदें कभी पार नहीं की जानी चाहिए’, पहलगाम हमले की बरसी पर सेना ने पाक को याद दिलाया ‘ऑपरेशन सिंदूर’, लिखा- ‘भारत भूलता नहीं’

पहलगाम हमले की बरसी : भारत ने अपनी वीरता और संकल्प का परिचय देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कठोर संदेश भेजा है, जबकि पहलगाम में 22 अप्रैल 2024 को हुए आतंकवादी हमले की पहली बरसी करीब आ रही है।
इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी, और उस दिन पहलगाम के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच खून की होली खेली गई थी। इस दुखद घटना की पहली बरसी से पहले भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को याद किया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है।
भूलता नहीं है भारत – भारतीय सेना
22 अप्रैल 2024 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने घातक हमला कर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी थी। उस दिन पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई थी, और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच खून की छाया फैल गई थी। इस जघन्य हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट कर ऑपरेशन सिंदूर को याद किया। सेना ने लिखा, “जब इंसानियत की हदें पार होती हैं, तो जवाब भी निर्णायक होता है। न्याय मिल गया। भारत एकजुट है।” साथ ही एक ग्राफिक भी था, जिसमें लिखा था—”कुछ हदें कभी पार नहीं की जानी चाहिए। भारत भूलता नहीं है।”
1999 में करगिल युद्ध के बाद, 26 अक्टूबर 1999 को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में ऑपरेशन सिंदूर नामक सैन्य अभियान चलाया था। यह अभियान पाकिस्तान की घुसपैठ को नाकाम करने और क्षेत्र में सैन्य ताकत दिखाने के लिए था। इस अभियान में भारत ने पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। सेना ने नौ बड़े आतंकवादी लॉन्चपैड को नष्ट किया और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक संघर्ष चला। भारी नुकसान झेलने के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन कर संघर्षविराम की गुहार लगाई। 10 मई 2000 को दोनों पक्षों में सहमति बनी और संघर्ष विराम लागू हुआ। इस अभियान ने भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।
सेना प्रमुख ने कहा- यह तीनों सेनाओं के बीच के तालमेल का उदाहरण है
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह स्पष्ट राजनीतिक निर्देशों के तहत तीनों सेनाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का ऐलान किया। इसका उद्देश्य दुश्मन की घुसपैठ को रोकना और भारत की सामरिक क्षमताओं का विस्तार करना है।
सभी इन घटनाओं और प्रयासों का उद्देश्य भारत के संकल्प और अपने देश की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाना है। सेना का यह संदेश और ऑपरेशन सिंदूर की यादें पाकिस्तान को यह स्पष्ट कराती हैं कि भारत भूलता नहीं है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करेगा। देश की एकता और क्षमताओं का यह प्रतीक है कि भारत अपने स्वाभिमान और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
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