‘बोलना नहीं चाहता था मगर…’, आप नेताओं को राघव चड्ढा ने दिया जवाब, कहा- घायल हूं इसलिए घातक हूं.

Raghav Chadha Video : आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा एक बार फिर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर करारे हमले कर रहे हैं। एक दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए वीडियो शेयर कर कहा था कि उन्हें चुप कराया गया है, लेकिन वह हार मानने वाले नहीं हैं। इसके बाद पार्टी के कई नेताओं ने उनके खिलाफ तीखे बयान दिए, लेकिन अब राघव चड्ढा ने इन सभी आरोपों का जोरदार पलटवार किया है।
राघव चड्ढा ने कहा- मैं कहना नहीं चाहता था…
शनिवार को राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो जारी कर पार्टी द्वारा उनके ऊपर लगाए गए तीन मुख्य आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर यह आरोप लगाए हैं कि उन्होंने विपक्ष के वॉकआउट में भाग नहीं लिया, लेकिन उन्होंने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वह विपक्ष के वॉकआउट में नहीं शामिल थे, तो यह CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो चुका होगा, क्योंकि संसद की हर गतिविधि कैमरों की रिकॉर्डिंग में रहती है।
दूसरे आरोप के तौर पर, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर से जुड़े एक मोशन पर साइन करने से मना कर दिया, चड्ढा ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी लीडर ने उनसे इस बारे में औपचारिक या अनौपचारिक रूप से संपर्क नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कई साथी सांसदों ने भी इस मोशन पर साइन नहीं किया था।
राघव चड्ढा ने कहा- जल्द ही इन झूठे आरोपों का पर्दाफाश होगा
राघव चड्ढा ने अपने काम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने संसद में जनता के मुख्य मुद्दों को उठाया है, जिनमें GST, इनकम टैक्स, दिल्ली का एयर पॉल्यूशन, पंजाब की पानी की समस्या, पब्लिक हेल्थकेयर, एजुकेशन, रेलवे पैसेंजर की समस्याएँ, मेंस्ट्रुअल हेल्थ, बेरोजगारी और महंगाई शामिल हैं। उनका दावा है कि संसद टैक्सपेयर्स के पैसे से चलती है और वह जनता की आवाज बनना उनका कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही इन झूठे आरोपों का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
यह विवाद उस समय उभरा है जब कुछ महीनों पहले ही पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था। उनकी जगह किसी और सांसद को लाने का फैसला किया गया। पार्टी ने इस कदम का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया, लेकिन इससे आंतरिक मतभेद और संसद में रणनीति को लेकर खींचतान की आशंका जताई जा रही है।
इसके बाद से ही, चड्ढा पार्टी की लीडरशिप के खिलाफ आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं। उनके खिलाफ आरोप लगाए गए कि वह पार्टी लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ‘सॉफ्ट PR’ में लगे हैं। संसद में विपक्ष की रणनीति में उनकी भागीदारी पर भी सवाल उठाए गए हैं, जैसे वॉकआउट में उनका सहयोग न देना या उन्हें पार्टी के खिलाफ माना जाना।
आम आदमी पार्टी के अंदर अंदरूनी कलह
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि पार्टी के कुछ नेता उन्हें साइडलाइन कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हाउस में उनके बोलने के अवसर भी कम कर दिए गए हैं, जिससे उनके और पार्टी के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं। यह मामला सार्वजनिक रूप से बहस का विषय बन गया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चड्ढा की आलोचना की है, वहीं उन्होंने पलटवार करते हुए कहा है कि वह जनता के हित में संसद में आवाज उठाने के संपर्क में हैं और उन्हें टारगेट किया जा रहा है।
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