नाबालिग लड़कियों का ब्रेनवाश कर निकाह और धर्मांतरण, बुर्का पहनकर घर लौटीं तो मचा हड़कंप.

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से रूह कंपा देने वाली एक वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां तीन नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर न केवल उनके साथ दरिंदगी की गई, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से उनका ‘ब्रेनवाश’ कर धर्म परिवर्तन भी करा दिया गया। इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब लड़कियां अचानक बुर्का पहनकर अपने घर पहुंचीं।
रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ दोस्ती और धोखे का खेल
मामले की मुख्य पीड़िता अशोकनगर जिले के पिपरई की रहने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार, करीब चार महीने पहले पिपरई रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात अलतमश नाम के युवक से हुई थी। अलतमश ने पहले दोस्ती की और फिर शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर भोपाल ले आया, जहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया।
ब्रेनवाश और बुर्के का खौफनाक सच
पीड़िता का आरोप है कि भोपाल में उसे बंधक बनाकर रखा गया और पूरी तरह से उसका मानसिक धर्मांतरण (Brainwash) किया गया। उसे जबरन इस्लामी तौर-तरीकों में ढालने की कोशिश की गई और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। जब पीड़िता महीनों बाद वापस अपने गांव पहुंची, तो उसे बुर्के में देख परिजनों की आंखें फटी रह गईं। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
तीन आरोपी और तीन मासूम जिंदगियां
पुलिस जांच में पता चला है कि इस घिनौने कांड में अलतमश के साथ अरहान खान और आहत खान भी शामिल थे। इन दोनों ने भोपाल की ही दो अन्य नाबालिग सहेलियों को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने उन दोनों के साथ भी दुष्कर्म किया और उनका धर्मांतरण कराया। यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है जो नाबालिगों को निशाना बना रहा था।
पुलिस की कार्रवाई: कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए अशोकनगर एसडीओपी (SDOP) विवेक शर्मा ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (Rape), एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) और मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
“पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को नामजद किया है। इनमें से एक आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में जेल में बंद है, जबकि अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें भोपाल और आसपास के इलाकों में दबिश दे रही हैं।” – विवेक शर्मा, SDOP अशोकनगर
हिंदू संगठनों में आक्रोश, जांच की मांग तेज
इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों में भारी रोष है। संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ और संगठित धर्मांतरण का मामला बताते हुए गहन जांच की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस नेटवर्क में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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