‘मंदबुद्धि पुत्र…’, नीतीश कुमारके बेटे मिली Z सुरक्षा तो RJD ने की तेजस्वी यादव से तुलना; कांग्रेस ने कसा तंज.

Bihar Politics : नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को Z सुरक्षा मिलने को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गई है। गृह विभाग ने बीते शनिवार को निशांत कुमार को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है, जिस पर विपक्षी दलों ने तीखे सवाल उठाए हैं।
आरजेडी ने इसे तेजस्वी यादव से तुलना करते हुए कहा है कि क्यों उन्हें और उनके साथी श्रवण कुमार को सुरक्षा नहीं दी गई, जबकि नीतीश कुमार के बेटे को सुरक्षा दी जा रही है। वहीं, कांग्रेस ने इसे लेकर तंज कसते हुए कहा है कि क्या निशांत कुमार इस राज्य के बेहद कीमती धरोहर हैं या फिर किसी बड़े राजनीतिक पद पर रहे हैं, जिनके लिए इतनी सुरक्षा दी जा रही है।
आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, “एक करोड़ 90 लाख जनता का समर्थन प्राप्त करने वाले नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव को लाख पत्राचार के बावजूद Z+ सुरक्षा नहीं दी गई। जबकि, नीतीश कुमार के बेटे निशांत को Z श्रेणी, और श्रवण कुमार को Y+ सुरक्षा दी जा रही है। यह सरकार अपनी सुरक्षा खैरात में बांट रही है।”
उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा का यह खेल राजनीतिक षड्यंत्र है और सत्ता के नशे में चूर होकर विपक्ष की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। शक्ति यादव ने आगे कहा कि लोकतंत्र का मुख्य दर्पण विपक्ष ही है, और जो सरकार विपक्ष की सुरक्षा का सम्मान नहीं करती, उसकी आयु लंबी नहीं होती।
दूसरी ओर, बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने सवाल उठाया है कि क्या निशांत कुमार इस राज्य के बेहद कीमती धरोहर हैं या फिर किसी बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक पद पर रहे हैं, जिनके लिए इतनी सुरक्षा दी जा रही है? उन्होंने पूछा, “क्या मंदबुद्धि पुत्र की रक्षा और देखभाल के लिए अब बिहार की पुलिस का इस्तेमाल किया जाएगा? यह राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है या फिर बीजेपी की साजिश है कि इस नेता पुत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जाए ताकि उसकी जानकारी गृह विभाग के नेताओं के पास रहे।”
बिहार में इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कांग्रेस ने कहा कि नजर तो विजय सिन्हा और श्रवण कुमार जैसे सरकारी अधिकारी और नेताओं पर भी बनाए रखनी है, जिन्हें भी सुरक्षा दी गई है। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि इससे यह संकेत मिलते हैं कि सरकार अपने समर्थकों और नेताओं को विशेष सुरक्षा दे रही है, जबकि विपक्षी नेताओं को सुरक्षा नहीं दी जा रही।
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