2021 की हिंसा का पाई-पाई का लेंगे हिसाब, नंदीग्राम में गरजे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी; ममता बनर्जी पर साधा तीखा निशाना

नंदीग्राम : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अपने गढ़ नंदीग्राम में आयोजित एक भव्य ‘धन्यवाद सभा’ को संबोधित करते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर हुई भीषण हिंसा का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि उस दौर में हुए हर एक जुल्म और हमले का पूरा हिसाब लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सभी मामलों की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हर घटना का रिकॉर्ड हमारे पास, अब होकर रहेगा न्याय: मुख्यमंत्री
नंदीग्राम में उमड़े भारी जनसैलाब के सामने अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 2021 के चुनाव नतीजों के बाद राज्य के कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया था। उनके घरों में तोड़फोड़ की गई, आगजनी हुई और कई निर्दोष समर्थकों की बेरहमी से हत्या तक कर दी गई थी। सीएम ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा, “हमारी पार्टी ने उस दौर की हर एक हिंसक घटना का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा है। पिछली सरकार ने भले ही न्याय न दिया हो, लेकिन अब हर पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलकर रहेगा।”
टीएमसी पर गुस्सा, पर कार्यकर्ताओं को नसीहत: ‘मर्यादा मत भूलना, ईंट से ईंट मत बजाना’
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गुस्सा जाहिर किया, लेकिन साथ ही अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में न लेने की सख्त हिदायत भी दी। शुभेंदु अधिकारी ने संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, “अगर आप लोग चाहें तो आज तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के घरों की ईंटें तक उखाड़ सकते हैं, लेकिन आपको ऐसा कतई नहीं करना है। भाजपा इस तरह की प्रतिशोध और अराजकता की राजनीति को बढ़ावा नहीं देती है। मुझे सब याद है और किसी भी गुनाह को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, सारा काम कानून के दायरे में होगा।”
ममता बनर्जी पर साधा निशाना: ‘दो बार चुनाव हारने वाली मुख्यमंत्री’
इस जनसभा के मंच से शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही मौतों के बावजूद तत्कालीन ममता सरकार मूकदर्शक बनी रही और पीड़ित परिवारों की कोई सुध नहीं ली। ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्होंने उन्हें ‘दो बार चुनाव हारने वाली मुख्यमंत्री’ करार दिया।
गौरतलब है कि साल 2021 के ऐतिहासिक चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को करीब 1900 वोटों से मात दी थी। वहीं, हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर सीट से 15 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से करारी शिकस्त देकर बंगाल की सत्ता अपने नाम की है।
नंदीग्राम सीट छोड़ने पर छलका दर्द, बोले- रिश्ता कभी नहीं बदलेगा
भवानीपुर से जीतने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ने के अपने फैसले पर भावुक होते हुए शुभेंदु ने स्थानीय जनता को आश्वस्त किया कि उनके और नंदीग्राम के लोगों के बीच का अटूट रिश्ता कभी नहीं बदलेगा। उन्होंने साल 2007 के ऐतिहासिक नंदीग्राम भूमि आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि संघर्ष और हिंसा के उस दौर में भी वह अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों के साथ खड़े रहे थे।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि अब नंदीग्राम के विकास कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की सीधी निगरानी उनके छोटे भाई और कांथी के सांसद सौमेंदु अधिकारी करेंगे। उनके सहयोग के लिए पांच भाजपा विधायक भी पंचायत और प्रशासनिक कार्यों में मुस्तैद रहेंगे।
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