गर्भवती से हैवानियत! 4 महीने की प्रेग्नेंट महिला की पीट-पीटकर हत्या, अजन्मे बच्चे की भी मौत, 6 आरोपी गिरफ्तार

बोकारो (झारखंड)। झारखंड के बोकारो जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बेरमो थाना क्षेत्र में एक 4 महीने की गर्भवती महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस हमले में महिला के पेट में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, यह वारदात शुक्रवार रात धौरा धोरी रेलवे साइडिंग के पास स्थित 5 नंबर कॉलोनी क्षेत्र में हुई। उस समय दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट चल रही थी।
बीच-बचाव करने पर महिला पर हमला
मृतका अनीता देवी अपने पति के साथ वहां से गुजर रही थीं। बताया जा रहा है कि दोनों ने स्थिति को शांत कराने और झगड़ा रोकने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
आरोप है कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र भुइयां समेत अन्य लोगों ने गुस्से में आकर अनीता देवी पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस की कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार
बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र भुइयां सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में सुरेंद्र भुइयां (मुख्य आरोपी), बबलू कुमार, बीरेंद्र कुमार भारती, राहुल डेगर, राजेश भुइयां और धीरेन भुइयां शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और लगातार छापेमारी की जा रही है।
मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट सब-डिविजनल अस्पताल भेज दिया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बंद का आह्वान
इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। झारखंड भाजपा ने इसे निर्मम हत्या करार देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बयान जारी करते हुए रविवार (31 मई) को बोकारो में एक दिन के बंद का आह्वान किया है। पार्टी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इलाके में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताते हुए दोषियों को जल्द सजा देने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, खासकर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
No comments