रिश्ते के चाचा ने किया दुष्कर्म, अस्पताल में सिस्टम ने दिया दर्द; जांच के लिए 5 घंटे भटकती रही पीड़िता

छिंदवाड़ा : जिला अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही सामने आई है। दुष्कर्म की शिकार 40 वर्षीय महिला को मेडिकल जांच (एमएलसी) के लिए करीब पांच घंटे तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ा। पीड़िता के साथ पहुंची महिला पुलिसकर्मी महिला डॉक्टर की तलाश में अस्पताल में भटकती रही। आखिरकार अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम को महिला डॉक्टर अस्पताल पहुंचीं और मेडिकल जांच पूरी हो सकी।
जानकारी के अनुसार सांवरी चौकी से महिला एएसआई ऊषा जावरकर गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं थीं। लेकिन अस्पताल में उस समय कोई महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी, जिसके कारण एमएलसी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। महिला एएसआई ने कई बार डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान पीड़िता घंटों तक अस्पताल में परेशान होती रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एएसआई ने चौकी प्रभारी मुकेश द्विवेदी को पूरी जानकारी दी। इसके बाद चौकी प्रभारी ने सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम करीब 6:10 बजे महिला डॉक्टर अस्पताल पहुंचीं, जिसके बाद पीड़िता की मेडिकल जांच और एमएलसी की प्रक्रिया पूरी की गई।
बताया गया कि आरोपी ने दुष्कर्म के दौरान महिला के साथ मारपीट और झूमाझटकी भी की थी, जिससे उसे चोटें आई थीं। मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान पीड़िता को इलाज और जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक महिला बुधवार रात गांव से खेत में बने घर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसके रिश्ते के चाचा ने उसे रोक लिया और दुष्कर्म किया। घटना के बाद गुरुवार सुबह पीड़िता अपने पति के साथ पुलिस चौकी पहुंची, जहां से महिला पुलिसकर्मी के साथ उसे मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था।
चौकी प्रभारी मुकेश द्विवेदी ने बताया कि महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण एमएलसी में काफी देरी हुई। वहीं सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे ने कहा कि सूचना मिलते ही महिला डॉक्टर से संपर्क किया गया था, जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचीं और जांच प्रक्रिया पूरी कराई गई।
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