देश के किस राज्य में सबसे सस्ता है कार रजिस्ट्रेशन? जानें टॉप-5 राज्यों के नाम

भारत में नई कार खरीदने का उत्साह तब थोड़ा कम हो जाता है जब शोरूम कीमत के ऊपर भारी-भरकम रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज जुड़ते हैं। दरअसल, देश के हर राज्य में रोड टैक्स की दरें अलग-अलग होती हैं, जिसके कारण एक ही कार मॉडल की ऑन-रोड कीमत अलग-अलग राज्यों में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वैरी करती है। राज्य सरकारें अपनी वित्तीय नीतियों और ट्रैफिक नियमों के आधार पर कार की कीमत का एक निश्चित प्रतिशत टैक्स के रूप में वसूलती हैं, जिससे कुछ राज्यों में गाड़ी खरीदना जेब पर भारी पड़ता है तो कहीं यह काफी सस्ता होता है।
अगर सबसे सस्ते कार रजिस्ट्रेशन वाले राज्यों की बात करें, तो हिमाचल प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर आता है। यहाँ का सरल टैक्स स्ट्रक्चर और कम रजिस्ट्रेशन फीस कार प्रेमियों को काफी राहत देती है। हिमाचल के बाद उत्तराखंड दूसरा ऐसा राज्य है जहाँ आरटीओ (RTO) चार्जेस अपेक्षाकृत कम हैं। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय जैसे राज्यों में भी कार पंजीकरण का खर्च काफी कम है। तटीय राज्य गोवा भी अपने किफायती रोड टैक्स के लिए जाना जाता है, जिससे यहाँ लग्जरी गाड़ियाँ भी अन्य राज्यों के मुकाबले सस्ती मिल जाती हैं।
इसके विपरीत, दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में रोड टैक्स काफी अधिक है, जिससे यहाँ गाड़ियाँ महंगी हो जाती हैं। हालांकि कई लोग टैक्स बचाने के लिए दूसरे सस्ते राज्यों से कार खरीदने का विचार करते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया काफी जटिल हो सकती है। नियमतः, यदि आप दूसरे राज्य से गाड़ी खरीदकर अपने गृह राज्य में चलाते हैं, तो आपको वहां दोबारा टैक्स भरना पड़ सकता है और वाहन ट्रांसफर की लंबी कागजी कार्रवाई से गुजरना होता है। इसलिए, कार खरीदते समय केवल रजिस्ट्रेशन चार्ज ही नहीं, बल्कि स्थानीय नियमों और री-रजिस्ट्रेशन की लागत को समझना भी बेहद जरूरी है।
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