पीरियड्स के दर्द से परेशान? दवाइयों की जगह अपनाएं ये 7 असरदार और प्राकृतिक उपाय.

पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द यानी मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स कई लड़कियों और महिलाओं के लिए एक आम लेकिन काफी परेशान करने वाली समस्या है। इस समय पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, कमर दर्द, थकान और मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतें भी देखने को मिलती हैं। कई बार यह दर्द इतना ज्यादा होता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में हर बार दवाइयों का सहारा लेना सही नहीं माना जाता। इसलिए कुछ आसान और घरेलू उपायों की मदद से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ये तरीके प्राकृतिक हैं और शरीर पर किसी तरह का साइड इफेक्ट भी नहीं डालते।
गर्म पानी से सिकाई
पीरियड्स के दौरान दर्द का मुख्य कारण मांसपेशियों का सिकुड़ना होता है। ऐसे में गर्म पानी की बोतल या हीट पैड से 15–20 मिनट तक पेट के निचले हिस्से पर सिकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है। दिन में 2–3 बार ऐसा करने से राहत मिल सकती है।
अदरक की चाय
अदरक प्राकृतिक दर्द निवारक की तरह काम करता है। इसमें मौजूद तत्व सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। एक कप पानी में अदरक उबालकर दिन में 2–3 बार पीने से आराम मिलता है।
हल्दी वाला दूध
हल्दी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्द और सूजन दोनों को कम करते हैं। रात को सोने से पहले गुनगुना हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है और नींद भी बेहतर होती है।
मेथी का पानी
मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीने से पीरियड्स के दर्द में राहत मिल सकती है। इसमें मौजूद गुण शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
हल्की एक्सरसाइज और योग
इस दौरान भारी एक्सरसाइज से बचना चाहिए, लेकिन हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे शरीर में प्राकृतिक रूप से दर्द कम करने वाले हार्मोन भी सक्रिय होते हैं।
पर्याप्त पानी पिएं
पीरियड्स के समय शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से ब्लोटिंग कम होती है और थकान में भी राहत मिलती है।
कैफीन से बचें
चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन मांसपेशियों को और ज्यादा टाइट कर सकता है, जिससे दर्द बढ़ सकता है। इसलिए इनका सेवन कम करना बेहतर होता है।
No comments