क्या आप भी जूते-चप्पल यहां-वहां फेंक देते हैं? तो आपका बढ़ रहा है वास्तु दोष.. जानिए वास्तु शास्त्र के ये नियम.

नई दिल्ली। घर में जूते-चप्पल रखने की सही दिशा और स्थान को लेकर वास्तु शास्त्र में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गलत स्थान पर शू रैक रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और इसका असर पारिवारिक सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है।
बिखरे जूते-चप्पल से बढ़ती नकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में जूते-चप्पल को इधर-उधर बिखेरकर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है, जिससे घर के वातावरण में अस्थिरता और तनाव पैदा हो सकता है। इसलिए जूते-चप्पलों के लिए एक निश्चित और व्यवस्थित शू रैक का उपयोग करना उचित माना गया है।
शू रैक के लिए सबसे शुभ दिशा
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, शू रैक रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे उपयुक्त और शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिशा में शू रैक रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार में शांति एवं समृद्धि बनी रहती है।
इसके अलावा दक्षिण दिशा को भी शू रैक रखने के लिए उपयुक्त बताया गया है।
सही स्थान और व्यवस्था
वास्तु के अनुसार, शू रैक को घर के मुख्य हॉल या बरामदे के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना सबसे बेहतर होता है। यदि वहां जगह उपलब्ध न हो तो इसे मुख्य द्वार के पास भी रखा जा सकता है, लेकिन इसे प्रवेश द्वार के अंदर रखने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शू रैक मुख्य द्वार के पास रखा जाए तो वह बाहर की ओर होना चाहिए और पूरी तरह व्यवस्थित और बंद प्रकार का होना चाहिए, ताकि घर की ऊर्जा पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
मुख्य द्वार पर शू रैक क्यों नहीं रखना चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पलों का ढेर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है। इसे आर्थिक तरक्की और सौभाग्य में रुकावट का कारण भी माना जाता है।
मान्यता है कि गंदगी और अव्यवस्था वाले स्थान पर मां लक्ष्मी का वास नहीं होता, इसलिए प्रवेश द्वार को साफ और व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी बताया गया है।
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