मैडम ने मुझे मजबूर किया…काम के नाम पर ‘वो सब’ कराती थी, त्रस्त कर्मचारी पहुंच गया कोर्ट, फंसा पेंच.

America News : अमेरिका से इस वक्त एक ऐसा सेक्सुअल हैरेसमेंट का मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी हैं। आरोप है कि एक भारतीय कर्मचारी चिरायु राणा ने अपनी सहकर्मी अमेरिकन महिला लोर्ना हाजदिनी पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और शोषण करने का आरोप लगाया है। यह मामला हाईप्रोफाइल बताया जा रहा है और इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। चिरायु राणा जेपी मॉर्गन चेज कंपनी के पूर्व कर्मचारी हैं, जहां लोर्ना हाजदिनी उनके साथ काम करती थीं।
हालांकि हाजदिनी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया है और उनके वकीलों का कहना है कि उनके पास इसके खिलाफ सबूत मौजूद हैं। वकीलों की दलील है कि हाजदिनी ने कभी ऐसा कोई व्यवहार नहीं किया और वह उस स्थान पर भी मौजूद नहीं थीं, जहां कथित घटना होने का दावा किया गया है। बैंक ने भी इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि आंतरिक जांच में फोन रिकॉर्ड और ईमेल की जांच की गई, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला। बैंक के अनुसार शिकायतकर्ता ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया।
आरोपों के मुताबिक, चिरायु राणा का कहना है कि 2024 की शुरुआत से ही लोर्ना हाजदिनी ने उनके साथ कई बार अनुचित व्यवहार किया, गलत टिप्पणियां कीं, दबाव बनाया और संबंध बनाने के लिए धमकाया भी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मना करने पर करियर खराब करने की धमकी दी गई और कई बार जबरदस्ती की कोशिश भी हुई। हालांकि ये सभी आरोप फिलहाल केवल शिकायत का हिस्सा हैं और अभी तक इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं लोर्ना हाजदिनी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके वकीलों का कहना है कि उन्होंने कभी कोई गलत काम नहीं किया और जिस जगह घटना का दावा किया जा रहा है, वहां वह कभी गई ही नहीं थीं। हाजदिनी NYU Stern School of Business से पढ़ी हैं और 2011 में जेपी मॉर्गन से जुड़ी थीं। वे 2021 से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें एक सफल प्रोफेशनल माना जाता है।
जेपी मॉर्गन ने भी इन आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि आंतरिक जांच में ईमेल, फोन रिकॉर्ड और कर्मचारियों के बयान देखने के बाद कोई सबूत नहीं मिला। कंपनी का यह भी कहना है कि शिकायतकर्ता ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, चिरायु राणा ने पहले 2025 में कंपनी के अंदर शिकायत की थी और बाद में कंपनी छोड़ने के लिए बड़ी रकम की मांग भी की थी। यह भी सामने आया है कि राणा और हाजदिनी एक ही टीम में थे, लेकिन राणा सीधे तौर पर उनके अधीन काम नहीं करते थे और हाजदिनी का उनके वेतन या बोनस पर कोई नियंत्रण नहीं था, जिससे कुछ आरोप कमजोर पड़ते हैं। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और आगे इसकी सुनवाई अदालत में होगी, जबकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
No comments