इधर चिता सज रही थी, उधर दादी ने खोल दीं आंखें….मृत मानकर शुरू हो चुकी थी अंतिम संस्कार की तैयारी, देख सभी हुए हैरान.

अलवर : अलवर जिले की सीमा से सटे अजबगढ़ क्षेत्र के रामजी का ग्वाड़ा गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया। यहां 65 वर्षीय महिला चमेली देवी को परिजनों ने मृत समझ लिया था और घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां तक शुरू कर दी गई थीं, लेकिन अंतिम दर्शन से ठीक पहले उनके शरीर में हल्की हरकत होने लगी।
जानकारी के अनुसार, चमेली देवी लंबे समय से सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं और उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों को लगा कि उनकी मौत हो चुकी है। सांसें बेहद धीमी हो जाने और शरीर में कोई हलचल न दिखने पर परिवार ने उन्हें मृत मान लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।
सुबह जब अंतिम दर्शन के लिए लोग जुटने लगे, तभी किसी ने उनके पैरों में हलचल देखी। पहले लोगों को भ्रम लगा, लेकिन कुछ ही देर में शरीर में फिर से मूवमेंट होने लगा, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए और घर में अफरातफरी मच गई।
परिजन तुरंत चमेली देवी को दौसा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। अस्पताल के अनुसार, अब उनकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है और लगातार निगरानी की जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि महिला की सांसें बहुत धीमी हो गई थीं, जिसके कारण उन्हें मृत समझ लिया गया था। जांच में ब्लड इंफेक्शन की बात सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार गंभीर संक्रमण या बीमारी में शरीर की गतिविधियां इतनी धीमी हो जाती हैं कि व्यक्ति मृत जैसा प्रतीत होता है।
इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, जबकि डॉक्टर इसे गंभीर मेडिकल स्थिति का परिणाम बता रहे हैं।
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