‘मुझे खुश करो, वरना फेल कर दूंगा…’, छात्रा को ब्लैकमेल करने वाले शिक्षक को 3 साल की जेल; जज बोले- ‘शिक्षक-छात्रा का रिश्ता पवित्र, नरमी नहीं’.

नागौर : डीडवाना स्थित पोक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश एनएस मीणा ने शुक्रवार को छात्रा से छेड़छाड़, पीछा करने और ब्लैकमेलिंग के मामले में शिक्षक रामसिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी रामसिंह (49), पुत्र अजीत सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 354(घ) के तहत दोषी मानते हुए 3 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है। यह मामला 27 दिसंबर 2023 को दर्ज कराया गया था।
पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि वर्ष 2016 में शिक्षक ने परीक्षा में फेल करने का डर दिखाकर उसके साथ अश्लील हरकत की थी। इसके बाद वह फोन और मैसेज के जरिए उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। वर्ष 2020 में आरोपी ने उसे डराकर बुलाया और शारीरिक शोषण किया, जबकि नवंबर 2023 में जान से मारने और बदनाम करने की धमकी देकर दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया। परेशान होकर पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाते हुए इसे झूठा बताया था, लेकिन पीड़िता ने कोर्ट में विरोध याचिका दायर की। अदालत ने पीड़िता के मजिस्ट्रेट बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की एफआर को खारिज करते हुए मामले में प्रसंज्ञान लिया और सुनवाई शुरू की।
हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पीड़िता की आयु के संबंध में पुख्ता दस्तावेजी प्रमाण नहीं होने के कारण उसे संदेह से परे नाबालिग नहीं माना जा सकता, इसलिए आरोपी को पोक्सो एक्ट के तहत राहत मिली और धारा 354(घ) में दोषी ठहराया गया।
सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि शिक्षक और छात्रा का संबंध अत्यंत पवित्र होता है और ऐसे मामलों में नरमी बरतने से गलत संदेश जाएगा। अदालत ने आरोपी की परिवीक्षा की मांग को खारिज करते हुए उसे सीधे जेल भेजने का आदेश दिया।
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