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बेटे ने दोस्त संग रची थी पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश! फिर खुद भी मारा गया; 4 लाशों के साथ 12 घंटे रहा हत्यारा साथी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में करोड़पति वैश्य परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि परिवार का ही बेटा निकला।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता और बेटी मीनाक्षी की हत्या उनके बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर की थी। बाद में लूट के माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपी सनी करीब 12 घंटे तक चारों शवों के बीच मौजूद रहा। उसने सबूत मिटाने की कोशिश की, खून साफ किया और शवों को रजाई ओढ़ाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया।

करोड़ों की संपत्ति, कर्ज में डूबा बेटा बना कातिल

घटना सिविल लाइंस के साउथ मलाका क्षेत्र की है। मृतक वीरेंद्र वैश्य इलाके के प्रतिष्ठित कारोबारी थे और उनके पास कई दुकानें व संपत्तियां थीं। परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था, लेकिन उनका बड़ा बेटा अभिषेक भारी कर्ज में डूबा हुआ था।

बताया जा रहा है कि कर्ज और कारोबार को लेकर अभिषेक की अपने पिता से अक्सर कहासुनी होती रहती थी। परिवार के लोगों के अनुसार वीरेंद्र वैश्य ने नाराज होकर अभिषेक को संपत्ति से बेदखल भी कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली।

पहले बहन, फिर माता-पिता को उतारा मौत के घाट

पुलिस जांच के मुताबिक 2 जून की शाम सबसे पहले अभिषेक और सनी ने उसकी बहन मीनाक्षी की हत्या की, जो अपनी गिफ्ट शॉप खोलने जा रही थी। इसके बाद दोनों घर पहुंचे और सो रहे माता-पिता वीरेंद्र वैश्य और अनीता वैश्य पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया।

जांच में सामने आया कि वीरेंद्र वैश्य के सिर पर इतने वार किए गए कि उनकी खोपड़ी की करीब 10 हड्डियां टूट गईं। तीनों की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने घर से लाखों रुपये नकद और करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए।

लूट के माल पर झगड़ा, दोस्त ने ही कर दी अभिषेक की हत्या

परिवार की हत्या के बाद दोनों आरोपी लूट का सामान लेकर अभिषेक की दुकान पहुंचे। यहां गहनों और नकदी के बंटवारे को लेकर दोनों में विवाद हो गया।

पुलिस के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि सनी गुप्ता ने लोहे के पाइप से हमला कर अभिषेक की भी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे और शरीर पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब डाल दिया।

रातभर शवों के बीच बैठा रहा आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद सनी पूरी रात घटनास्थल और दुकान के आसपास मौजूद रहा। उसने फर्श पर फैले खून को साफ किया, शवों को रजाई से ढंक दिया और लोगों को शक न हो इसके लिए अलग-अलग कहानियां सुनाता रहा।

पुलिस के मुताबिक आरोपी करीब 12 घंटे तक चारों शवों के साथ रहा और लगातार सबूत मिटाने की कोशिश करता रहा।

पुलिस को गुमराह करने के लिए छोड़ा नोट

जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए घटनास्थल पर एक हस्तलिखित नोट छोड़ा था, जिसमें लिखा था— “बंटी, बबली और बहू ने मारा”।

दरअसल परिवार के छोटे बेटे ने वर्षों पहले अंतरजातीय विवाह किया था, जिससे परिवार नाराज था। इलाके में लोग उसे और उसकी पत्नी को ‘बंटी-बबली’ कहकर बुलाते थे। आरोपी चाहता था कि हत्या का शक छोटे भाई और उसकी पत्नी पर जाए।

डेढ़ करोड़ के गहने और हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का पाइप, नकदी और करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सनी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन लालच और पैसों के लिए उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची।

चौकी से 200 मीटर दूर हुई वारदात, दो पुलिसकर्मी निलंबित

हैरानी की बात यह है कि यह पूरा हत्याकांड स्थानीय पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर हुआ, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। दो दिन बाद जब घर और दुकान से दुर्गंध आने लगी, तब मामले का खुलासा हुआ।

लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने संबंधित चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

पांच टीमों ने सुलझाई गुत्थी

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पांच विशेष टीमों का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इस हत्याकांड ने पूरे प्रयागराज को झकझोर दिया है। संपत्ति, कर्ज और लालच के चलते एक बेटे द्वारा अपने ही परिवार की हत्या और फिर दोस्त द्वारा उसी बेटे को मौत के घाट उतार देने की कहानी ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।

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