घोर संकट से घिरी दुनिया के लिए शुक्रवार सबसे बड़ा दिन

घोर संकट से घिरी दुनिया के लिए शुक्रवार सबसे बड़ा दिन है। कल स्विट्जरलैंड में ईरान और अमरीका के बीच शुरुआती बातचीत पहाड़ी रिसॉर्ट बुर्गेनस्टॉक में होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन द्वारा इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग समझौते की एक प्रति पर हस्ताक्षर करने के बाद यह पुष्टि की है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मौजूदा हालात के अनुसार, अमेरिका और ईरान, मध्यस्थ देशों पाकिस्तान एवं कतर तथा अन्य संबंधित देशों के साथ मिलकर कल बर्गेनस्टॉक में समझौते को लागू करने के बारे में शुरुआती बातचीत करने के लिए मिलेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान, कतर के साथ मिलकर, ईरान-अमरीका समझौते के अवसर पर एवं और तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू करने के लिए 19 जून को स्विट्जऱलैंड में एक आधिकारिक समारोह आयोजित करेगा।
श्री शरीफ़ ने कहा कि अमरीका और ईरान न इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किये थे और दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के साथ-साथ मध्यस्थ के तौर पर उन्होंने भी इसे मंज़ूरी दी थी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि यह समझौता तुरंत लागू हो रहा है, जिसके अंतर्गत ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोल रहा है और अमेरिका पहले कदम के रूप में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा रहा है।
इस बीच स्विस सरकार ने पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती बातचीत शुक्रवार को ल्यूसर्न के पास बर्गनस्टॉक रिज़ॉर्ट में ही होगी। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा हालात के मद्देनजर योजना यही है कि अमरीका और ईरान, मध्यस्थ देशों पाकिस्तान एवं कतर तथा अन्य संबंधित देशों के साथ मिलकर कल बर्गेनस्टॉक में समझौते को लागू करने के बारे में शुरुआती बातचीत के लिए बैठक करेंगे।
स्विस अधिकारियों ने कहा कि उस स्थान की सुरक्षा के लिए लगभग 2,000 सैनिकों को तैनात किया जाएगा और 18 जून से 20 जून तक उस इलाके में नो-फ्लाई ज़ोन लागू किया जा रहा है। श्री शरीफ़ ने ईरान की बातचीत करने वाली टीम की कोशिशों की तारीफ़ की, जिसमें मोहम्मद बाकऱ ग़ालिबाफ़, अब्बास अराघची और एस्कंदर मोमेनी शामिल हैं।
उनके सब्र, लगन एवं बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की प्रतिबद्धता ने इस समझौते को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इस विवाद को सुलझाने में क्षेत्रीय देशों की भूमिका की सराहना करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करने के लिए कतर के नेतृत्व की ईमानदार कोशिशों एवं रचनात्मक भागीदारी की विशेष रूप से सराहना करना चाहता हूं। इसके साथ ही, मैं सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के नेतृत्व की भी उनके अहम योगदान एवं महत्वपूर्ण भूमिका के लिए बहुत तारीफ़ करता हूं।
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