‘कंट्री हेड के साथ संबंध बनाने को कहा’, Wipro में महिला बॉस पर धार्मिक उत्पीड़न का आरोप, पीड़िता बोली- धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाया

नई दिल्ली। विप्रो (Wipro) के पुणे स्थित कैंपस से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने अपनी पूर्व महिला बॉस पर धार्मिक आधार पर उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
महिला का आरोप है कि इस घटनाक्रम के कारण उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और अंततः नौकरी छोड़नी पड़ी। इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और साथ ही राज्य मानवाधिकार आयोग का रुख भी किया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि, पुणे के हिंजवड़ी स्थित विप्रो कार्यालय में काम के दौरान, उनके वरिष्ठ अधिकारियों और टीम लीडर्स ने उनके धार्मिक विश्वासों को लेकर निशाना बनाया। महिला का आरोप है कि उन पर इस्लाम अपनाने और उससे संबंधित धार्मिक प्रथाओं का पालन करने का लगातार दबाव डाला गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ कार्यस्थल पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार बढ़ गया। उनकी मैनेजर ने उन्हें खराब परफॉर्मेंस रिव्यू देने और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी। इन तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण, उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।
पीड़िता ने बताया, “यह लोग हिंदू महिलाओं को फंसाने और उनके ऊपर दबाव डालने का प्रयास करते हैं। उन्हें या तो इन मांगों को मानना पड़ता है या फिर नौकरी गंवानी पड़ती है। मैंने पिछले दस महीनों में जो उत्पीड़न और यातनाएं झेली हैं, उन्हें दुनिया के सामने लाना जरूरी है। कंपनी में शिकायत करने पर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया।”
साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि, “शाहिना रफ़ीक़ ने नौकरी के पहले दिन से ही मुझे परेशान करना शुरू कर दिया था। उसने मुझे कंट्री हेड रामकुमार के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए राज़ी करने का प्रयास किया, ताकि मेरा ट्रांसफर दुबई हो सके। उसका मकसद था कि मैं किसी शेख़ से शादी कर सकूं, जिससे मुझे आर्थिक और यौन संतुष्टि मिल सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि, “मैंने कल शिकायत दर्ज कराई थी। FIR के लिए उन्हें बुलाया गया है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी, जिसके बाद औपचारिक FIR दर्ज की जाएगी। 24 अप्रैल, 2026 को भी हमने इस मुद्दे को उठाया था। यह तब हुआ जब मैंने पूछा कि मुझे क्यों निकाला गया है। मेरी मांग है कि मुझे नौकरी वापस दी जाए, क्योंकि मेरी निकाली जाना गैर-कानूनी है।” उन्होंने आगे कहा कि, “हर कंपनी में एक मजबूत आंतरिक तंत्र होना चाहिए, जो इन तरह के मामलों का सही तरीके से समाधान कर सके।”
पुलिस का क्या कहना है?
पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि, एक महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने अपनी महिला बॉस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आपत्तिजनक टिप्पणियों और नौकरी से निकलवाने के लिए दबाव बनाने के आरोप हैं। पुलिस इस शिकायत की सभी बातों और कंपनी के आंतरिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
Wipro का क्या जवाब है?
विप्रो ने अपने बयान में कहा है कि कंपनी कर्मचारियों के सम्मान, गरिमा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि, भेदभाव, उत्पीड़न या मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति उनकी नीति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की है। उन्होंने यह भी कहा कि, कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है और आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराए हैं।
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