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तमिलनाडु एक्सप्रेस के लाल बैग ने खोला खौफनाक राज! 18 टुकड़ों में बंटी लाश, एक मकान से मिले ऐसे सुराग कि पुलिस भी रह गई हैरान

तमिलनाडु एक्सप्रेस के लाल बैग ने खोला खौफनाक राज! 18 टुकड़ों में बंटी लाश, एक मकान से मिले ऐसे सुराग कि पुलिस भी रह गई हैरान


त्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिले महिला के शव के टुकड़ों के मामले ने अब नया और बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है। 5 अगस्त को ट्रेन के पिछले जनरल कोच में लाल रंग के ट्रॉली बैग से मिले सड़े-गले मानव अवशेषों की पहचान ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली हयातुन निशा के रूप में हुई है।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को इस मामले के तार चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके से जुड़े मिले। वहां एक किराए के मकान से शरीर के कुछ और हिस्से बरामद होने के बाद हत्या की आशंका मजबूत हुई।

पुलिस जांच में दो संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनकी पहचान असम निवासी मणिकउद्दीन लश्कर और ओडिशा की रहने वाली भगवती माझी के रूप में हुई है। दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या के पीछे आखिर क्या वजह थी और वारदात के बाद शव को अलग-अलग जगहों तक पहुंचाने की पूरी योजना कैसे बनाई गई।

लाल ट्रॉली बैग बना जांच की पहली कड़ी

इस पूरे मामले की शुरुआत 5 अगस्त की सुबह आगरा कैंट स्टेशन पर हुई। तमिलनाडु एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में एक लाल ट्रॉली बैग से दुर्गंध आने के बाद रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों का ध्यान उसकी ओर गया। बैग की जांच करने पर उसके अंदर महिला के सड़े-गले और कटे हुए शरीर के अवशेष मिले। इसके बाद आगरा जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

शुरुआत में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना थी। न तो बैग से महिला की पहचान तत्काल हो सकी और न ही यह स्पष्ट था कि उसकी हत्या कहां हुई थी। लेकिन फॉरेंसिक जांच, रेलवे रिकॉर्ड और दूसरे सुरागों की मदद से जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ी और मृतका की पहचान हयातुन निशा के रूप में हुई।

जांच का रुख आगरा से चेन्नई की ओर मुड़ा

मृतका की पहचान होने के बाद जांचकर्ताओं ने उसके जीवन, काम और रहने की जगह के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस को पता चला कि हयातुन निशा चेन्नई में एक निजी कंपनी में काम करती थी और गुडुवांचेरी इलाके में किराए के मकान में रह रही थी।

इसके बाद जांच टीम ने चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जांचकर्ताओं को प्लेटफॉर्म नंबर 4 की फुटेज में एक पुरुष और महिला दिखाई दिए, जो 3 अगस्त की रात करीब 10 बजे एक ऐसे ही ट्रॉली बैग के साथ ट्रेन में सवार होते नजर आए। बाद की जांच में दोनों संदिग्धों तक पहुंचने के लिए इसी फुटेज को महत्वपूर्ण सुराग माना गया।

यहीं से पुलिस को यह अंदाजा लगने लगा कि आगरा में मिला बैग संभवतः चेन्नई से ट्रेन में रखा गया था। जांच का पूरा फोकस अब गुडुवांचेरी स्थित उस मकान पर चला गया, जहां मृतका और संदिग्धों के रहने की जानकारी सामने आई थी।

किराए के मकान की तलाशी में मिले अहम सुराग

पुलिस ने गुडुवांचेरी के मसूथी स्ट्रीट स्थित किराए के मकान की तलाशी ली। वहां से शरीर के कुछ और हिस्से बरामद होने की बात सामने आई। एक बड़े बर्तन में मिले अवशेषों ने जांचकर्ताओं को यह सोचने पर मजबूर किया कि शव को ठिकाने लगाने की कोशिश उसी मकान में की गई थी। मामले में फॉरेंसिक जांच जारी है ताकि बरामद सभी अवशेषों की पहचान और उनके आपसी संबंध की पुष्टि की जा सके।

कुछ रिपोर्टों में शव के 18 टुकड़े किए जाने और शरीर के हिस्सों को नष्ट करने की कोशिश किए जाने की बात कही गई है। हालांकि इस मामले से जुड़ी कुछ बेहद सनसनीखेज जानकारियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर भी है। इसलिए पुलिस की अंतिम जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की पुष्टि होगी।

हयातुन निशा की गुमशुदगी ने खोला राज

जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी हयातुन निशा के बेटे से जुड़ी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक उनका 19 वर्षीय बेटा यूसुफ खान अपनी मां के लापता होने के बाद उन्हें तलाशते हुए गुडुवांचेरी स्थित मकान तक पहुंचा था। जब वहां उसकी मां नहीं मिलीं तो उसने पुलिस से संपर्क किया और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

गुमशुदगी की शिकायत के बाद पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की। इसी दौरान पहले से चल रही शव की पहचान वाली जांच और गुमशुदगी का मामला एक-दूसरे से जुड़ गया। इसके बाद पुलिस ने महिला के संपर्क में रहने वाले लोगों, उसके रहने की जगह और आने-जाने के रिकॉर्ड की जांच तेज कर दी।

दो संदिग्धों पर क्यों गहराया शक?

पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और दूसरे डिजिटल सुरागों से मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। दोनों के बारे में बताया गया है कि वे गुडुवांचेरी में किराए के मकान में रह रहे थे। जांचकर्ताओं ने ट्रेन में बैग ले जाने वाले लोगों की तस्वीरों और मकान से जुड़े सुरागों को जोड़कर अपनी जांच आगे बढ़ाई।

माना जा रहा है कि दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद दोनों किस रास्ते से फरार हुए। रिपोर्टों के मुताबिक उनके ओडिशा की ओर भागने की आशंका के चलते वहां भी पुलिस की मदद ली जा रही है।

हत्या की वजह अभी भी सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल हत्या की वजह को लेकर है। पुलिस को हत्या का शक है और संदिग्धों के खिलाफ जांच आगे बढ़ रही है, लेकिन वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसका अंतिम खुलासा अभी बाकी है।

कुछ रिपोर्टों में मृतका और एक संदिग्ध के बीच कथित संबंध का भी जिक्र किया गया है, लेकिन यह जांच का हिस्सा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए फिलहाल किसी भी संभावित वजह को अंतिम कारण मानना जल्दबाजी होगी।

आगरा से चेन्नई और अब ओडिशा तक पहुंची जांच

यह मामला अब तीन राज्यों से जुड़ता दिखाई दे रहा है। आगरा में ट्रेन के अंदर शव के अवशेष मिले, जांच का सिरा चेन्नई के गुडुवांचेरी तक पहुंचा और अब संदिग्धों की तलाश ओडिशा में भी की जा रही है। इस तरह एक लाल ट्रॉली बैग से शुरू हुई जांच ने पुलिस को सैकड़ों किलोमीटर दूर उस मकान तक पहुंचा दिया, जहां से मामले से जुड़े और सुराग मिले।

चेन्नई पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें लगाई हैं। पुलिस की कोशिश है कि दोनों संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार कर पूछताछ की जाए, ताकि हत्या की वजह, शव को टुकड़ों में बांटने की परिस्थितियां और उसे ट्रेन के जरिए आगरा तक पहुंचाने की पूरी योजना का पता लगाया जा सके।

फिलहाल इस मामले में कई सवालों के जवाब पुलिस की जांच पर टिके हैं। हयातुन निशा की हत्या आखिर क्यों की गई? क्या हत्या गुडुवांचेरी के उसी मकान में हुई थी? शव को ट्रेन तक कौन लेकर गया और उसे आगरा में छोड़ने के पीछे क्या मकसद था? और सबसे अहम, फरार दोनों संदिग्ध कब पुलिस की गिरफ्त में आएंगे?

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज, किराए के मकान से मिले कथित अवशेष और डिजिटल सबूत जैसी अहम कड़ियां लगी हैं। इन सुरागों को जोड़कर जांच एजेंसियां इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी कहानी सामने लाने की कोशिश कर रही हैं।

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