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लड़के की थी 2 लाख रुपये सैलरी, शादी से पहले लड़की ने पूछा ऐसा सवाल, हो गया तुरंत रिजेक्ट


कहानी है नंदिनी की. नंदिनी आईटी सेक्टर में काम करती हैं, महीने के 90 हजार कमाती हैं और अपनी शर्तों पर एक बिंदास और आजाद जिंदगी जीती हैं. दूसरी तरफ हैं एक साहब, जो महीने के 2 लाख रुपये छापते हैं.

मां के बहुत जोर डालने पर नंदिनी इस लड़के से मिलने चली तो गईं, लेकिन इसके बाद कहानी ने जो मोड़ लिया, वो आज की हर वर्किंग वुमन के दिल की बात है. नंदिनी ने अपने एक्स हैंडल पर एक वाकया साझा किया है.

लड़के की 2 लाख की सैलरी है, माता-पिता आर्थिक रूप से पूरी तरह उसी पर निर्भर हैं. एक शादीशुदा बहन भी है जो अक्सर मायके से तोहफे और मदद की उम्मीद रखती है. वहीं हमारी नंदिनी का हिसाब एकदम अलग है. वो अकेले रहती हैं, उन पर कोई बड़ी पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं है. खुद नंदिनी के शब्दों में कहें तो उन्हें अपनी 'लेजी' यानी सुकून भरी जिंदगी बहुत प्यारी है. शादी को लेकर वो वैसे भी बहुत उत्साहित नहीं थीं, बस मां का मान रखने के लिए चली गईं.


मुलाकात और वो अजीब सवाल

दोनों की मुलाकात होती है. बातों-बातों में लड़के ने एक ऐसा तीर छोड़ा, जिस पर आज की कोई भी इंडिपेंडेंट लड़की भड़क सकती है. उसने पूछा, "तुम तो फेमिनिस्ट हो, तो क्या शादी के बाद परिवार के खर्चों में आधा हिस्सा दोगी?" नंदिनी ने बेबाकी से कहा- "हां, बिल्कुल."

फिर लड़के ने अपना असली पत्ता फेंका- "या फिर तुम अपनी नौकरी छोड़कर घर संभालोगी?" नंदिनी ने साफ कह दिया कि वो ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगी.

बात यहीं खत्म नहीं हुई. लड़के ने एक और ज्ञान दिया, "आखिर औरतों को अपने पैरों पर खड़े होने या आर्थिक रूप से आजाद होने की जरूरत ही क्या है?"


फ्रेंच फ्राइज खाते हुए कर दी बोलती बंद

अब नंदिनी का अंदाज देखिए. उसे इस बात पर जरा भी गुस्सा नहीं आया. वो बड़े मजे से अपने फ्रेंच फ्राइज खा रही थी. उसने बहुत ही शांत भाव से उस लड़के को ऐसा जवाब दिया कि उसकी बोलती बंद हो गई. नंदिनी ने पूछा, "अगर तुम्हें एक ऐसी पत्नी चाहिए जो सिर्फ घर का काम करे, तो तुम किसी ऐसी लड़की से ही शादी क्यों नहीं करते जो यही चाहती हो? तुम एक नौकरीपेशा लड़की के पर कतर कर उसे अपने ऊपर निर्भर क्यों बनाना चाहते हो?"

बस, इतना सुनना था कि लड़के के चेहरे का रंग उड़ गया. उसने तिलमिला कर पूछा, "तो क्या तुम मुझे रिजेक्ट कर रही हो?" नंदिनी का जवाब टू-द-पॉइंट था. उसने कहा, हां. तुम किसी बेहतर के लायक हो. मैं एक फेमिनिस्ट हूं और मुझे अपनी आजादी पसंद है." इसके बाद नंदिनी ने अपने फ्राइज खत्म किए, शान से अपने हिस्से का बिल चुकाया और वहां से निकल गईं. जाहिर है, इस कांड के बाद मां दो हफ्ते तक नाराज रहीं, लेकिन अब घर में सब ठीक है.

सोशल मीडिया ने किया सलाम

जब नंदिनी ने सोशल मीडिया पर ये किस्सा सुनाया, तो इंटरनेट यूजर्स उनके समर्थन में उतर आए. किसी ने कहा, "शानदार, तुमने बिल्कुल सही किया." तो किसी ने लिखा, "मैं शुरुआत में तुम्हें जज कर रहा था, लेकिन अंत में तुम्हारा नजरिया बिल्कुल सही लगा. अगर किसी को होममेकर चाहिए, तो वो होममेकर ही ढूंढे, किसी आजाद परिंदे को पिंजरे में क्यों कैद करना."

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