9 अगस्त से शुरू होगा शादियों का सीजन, अगस्त से दिसंबर तक मिलेंगे कई शुभ विवाह मुहूर्त

विवाह मुहूर्त : विवाह की तैयारियों में जुटे परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय ज्योतिष परंपरा के अनुसार 9 अगस्त को गुरु तारा उदय होने के साथ ही विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर लगी रोक समाप्त हो जाएगी। इसके बाद अगस्त से दिसंबर तक विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गुरु तारा 15 जुलाई को अस्त हुआ था और अब 9 अगस्त की रात पुनः उदय होगा। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत, मुंडन और अन्य शुभ संस्कारों का शुभ समय शुरू माना जाएगा। भारतीय ज्योतिष में गुरु और शुक्र को शुभता, समृद्धि और दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण इनके अस्त रहने के दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
अगस्त से दिसंबर तक विवाह के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार विवाह के लिए निम्न तिथियां शुभ मानी गई हैं:
- अगस्त: 13, 18, 20, 22, 23, 24, 25, 29 और 30
- सितंबर: 3, 4, 5, 12, 13, 14 और 21
- नवंबर: 2, 3, 10, 11, 12, 13, 21, 22, 23, 25 और 26
- दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 11 और 12
12 से 29 अक्टूबर तक नहीं होंगे विवाह
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 12 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक शुक्र अस्त रहेगा। इस अवधि में भी विवाह और अन्य प्रमुख मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।
सिर्फ तारीख नहीं, कुंडली भी है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह के लिए केवल शुभ तिथि देखना पर्याप्त नहीं होता। वार, नक्षत्र, योग, करण, लग्न और वर-वधू की कुंडली का भी विधिवत मिलान किया जाना चाहिए। शास्त्रसम्मत मुहूर्त में संपन्न विवाह को दांपत्य जीवन के लिए शुभ और मंगलकारी माना जाता है।
विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेकर शुभ मुहूर्त का चयन करें, ताकि विवाह संस्कार परंपरा और विधि-विधान के अनुसार संपन्न हो सके।
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