"शादी के लिए लड़की चाहिए तो बताना." दूसरी कॉल ने खोल दिया 'चाची' का खेल, चौंका देगी अलीगढ़ की ये कहानी
मौका मिलते ही उसने घर में मौजूद एक महिला का मोबाइल उठाया और किसी तरह उसका लॉक खोलकर डायल 112 पर फोन कर दिया।
बच्ची ने पुलिस को अपनी परेशानी और लोकेशन बताई। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
दूसरी जानकारी ने जांच को दिया नया मोड़
पुलिस की पूछताछ में इस मामले से जुड़ी दो और नाबालिग बच्चियों के बारे में जानकारी सामने आई। दोनों को भी पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया। इसके बाद मामला सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कथित तौर पर बच्चियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा परिवारों की बच्चियों को निशाना बनाता था। आरोप है कि छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों से बच्चियों को बेहतर पढ़ाई, नौकरी या भविष्य का भरोसा देकर दूसरे स्थानों पर लाया जाता था।
70 हजार से एक लाख रुपये तक सौदे का आरोप
जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि बच्चियों को शादी के नाम पर ऐसे लोगों तक पहुंचाया जाता था, जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी। पुलिस का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में 70 हजार रुपये से लेकर करीब एक लाख रुपये तक की रकम का लेन-देन होता था। इस मामले में प्रयागराज की रहने वाली बबिता उर्फ 'चाची' को कथित मुख्य आरोपी बताया गया है। पुलिस ने उसके साथ सुखाराम उर्फ महावीर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मौर गांव निवासी विनोद जाट, गोंडा निवासी बबलू और ओमपाल सिंह भी शामिल हैं।
पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने शादी के नाम पर नाबालिग बच्चियों को खरीदा था। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
रेलवे स्टेशन पर मिली बच्ची
दरअसल, इस जांच में करीब चार महीने पुरानी एक घटना भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, 15 साल की एक बच्ची छत्तीसगढ़ से एक युवक के साथ निकली थी। बाद में वह युवक उसे अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़कर चला गया। परिवार ने युवक के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था।
आरोप है कि स्टेशन पर बच्ची की मुलाकात बबिता उर्फ चाची से हुई। पुलिस के अनुसार, बबिता ने पहले सहानुभूति दिखाई, खाना खिलाया और मदद का भरोसा दिया। इसके बाद कथित तौर पर बच्ची को सुखाराम के जरिए टप्पल इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति तक पहुंचाया गया।
क्या एनसीआर तक फैला है नेटवर्क?
यही सवाल अब पुलिस की जांच के केंद्र में है। पुलिस को आशंका है कि कथित नेटवर्क सिर्फ अलीगढ़ तक सीमित नहीं था। बच्चियों को दिल्ली-एनसीआर में घरेलू काम के लिए भेजे जाने की संभावना की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे, अब तक कितनी बच्चियां इसके संपर्क में आईं और उन्हें किन-किन जगहों पर भेजा गया।
अबतक पांच आरोपी गिरफ्तार
एसपी ग्रामीण के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, पॉक्सो, बाल विवाह निषेध कानून और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को जेल भेज दिया है। अब जांच का अगला बड़ा सवाल यही है कि 'चाची' के नाम से चल रहा यह कथित नेटवर्क आखिर कितनी दूर तक फैला था। पुलिस बच्चियों के परिवारों का पता लगाने और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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