शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और धमकी देने वाला दरोगा सस्पेंड, एफआईआर दर्ज'

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, युवती के साथ मारपीट करने और उसे जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसीपी कैंट को सौंप दी गई है।
डीसीपी सेंट्रल ने दी जानकारी, आरोपी एसएसआई निलंबित
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़ित युवती की तरफ से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर आरोपी दरोगा के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आरोपी एसएसआई (सब-इंस्पेक्टर) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच एसीपी कैंट को सौंपी गई है, और जांच के दौरान जो भी पुख्ता साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी के विरुद्ध आगे की और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला और कैसे जुड़ा लखनऊ कनेक्शन
पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, करीब एक साल पहले उसकी दोस्ती बस्ती जिले के रहने वाले एक युवक से हुई थी। आरोप है कि उस युवक ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में अपने वादे से मुकर गया। इस संबंध में इसी साल फरवरी 2026 में बस्ती जिले के छावनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। नियमानुसार इस केस की विवेचना और फाइल को ट्रांसफर करके लखनऊ के आशियाना थाने भेजा गया था।
आशियाना थाने में तैनात दरोगा पर लगे गंभीर आरोप
पीड़िता का आरोप है कि बीते 21 फरवरी 2026 को आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही ने उसे अपने बयान दर्ज कराने के बहाने थाने पर बुलाया था। आरोप है कि दरोगा ने मदद का भरोसा दिलाने का झांसा देकर उसे आशियाना थाने के पास और किला चौराहे के नजदीक एक कमरे पर बुलाया और वहां उसके साथ जबरन बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, पीड़िता का यह भी गंभीर आरोप है कि दरोगा उसके मोबाइल फोन में मौजूद निजी सामग्री (प्राइवेट फोटोज/वीडियो) को सोशल मीडिया पर वायरल करने और उसे किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी लगातार दे रहा था। इसके अलावा, बीती 30 जुलाई की रात को जब पीड़िता अपनी मां की दवा लेने के लिए घर से बाहर निकली थी, तब आरोपी दरोगा ने उसके साथ रास्ते में मारपीट भी की। पुलिस अब इन सभी आरोपों और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
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