दो आशिकों पर हत्या का केस, प्रेमिका को किसने किया था प्रेग्नेंट, होगा DNA टेस्ट
एक पतारा का रहने वाला 50 वर्षीय अधेड़ है तो दूसरा फतेहपुर के जहानाबाद का युवक है। युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है और अधेड़ की तलाश में चार टीमें लगी हैं। वहीं युवती के गर्भ में पल रहा शिशु किसका था, इसकी जांच के लिए पुलिस दोनों का डीएनए सैंपल लेकर जांच कराएगी।
ये घटना पतारा कस्बे के तिलसड़ा मोड़ का है। जहां 25 वर्षीय दलित युवती का शव बगीचे में पड़ा मिला था। युवती की लिपस्टिक से मांग भरी गई थी और उसके पैरों की तीसरी उंगली में नई बिछियां पाईं गईं थीं। माथे पर बिंदी भी लगी थी। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवती की जहर खाने से मौत हुई है। वह पांच माह की गर्भवती थी।
बहरहाल देर रात पिता ने युवती की हत्या का आरोप लगाते हुए पतारा निवासी 50 वर्षीय गोले पांडेय और फतेहपुर के जहानाबाद निवासी प्रांजुल पाल पर हत्या का केस दर्ज करा दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बुधवार दिन में युवती की दोनों से फोन पर कई बार बातचीत हुई थी। जहर खाने के बाद गोले ही युवती को हैलट ले गया था। वहीं, हिरासत में लिए गए प्रांजुल ने बताया कि उसका ननिहाल पतारा के एक गांव में है। आने-जाने के दौरान वहां युवती के एक दोस्त से उसका नंबर मिला और बातचीत होने लगी। इसके बाद दोनों में प्रेम संबंध हो गए। घटना वाले दिन गर्भवती रेनू ने रुपये मांगे थे और न देने पर उसने जहर खा लिया।
नौकरी दिलवाने के बहाने युवती के करीब आया गोले
पुलिस की जांच में पता चला कि युवती के पिता ने गोले पांडेय के खेत बटाई पर ले रखे हैं। घर आने-जाने के दौरान वह युवती के करीब आ गया। पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि गोले की पत्नी का कई साल पहले निधन हो चुका है। दो बेटियों की वह शादी कर चुका है। उसने युवती की कानपुर मेट्रो में नौकरी लगवा दी और उसे रामादेवी के एक घर में किराये पर रख दिया। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए।
प्रांजुल पर शादी का बनाव बना रही थी युवती
जांच में पता चला है कि युवती गोले से शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसकी उम्र ज्यादा थी। वह प्रांजुल पर शादी का दबाव बना रही थी लेकिन वह मना कर रहा था। प्रांजुल कानपुर देहात के रनियां की एक फैक्ट्री में 12 हजार प्रति महीने की नौकरी करता है और बिधनू निवासी बहनोई के घर रहता है। घटना वाले दिन प्रांजुल की युवती से 1400 सेकंड बात हुई है जबकि गोले से 600 सेकंड।
डीएनए जांच से पता चलेगा गर्भस्थ शिशु किसका था
युवती के गर्भ में पल रहा शिशु किसका था, यह डीएनए जांच से पता चलेगा। युवती के दोनों से संबंध होने की बात कही जा रही है। हिरासत में लिया गया प्रांजुल गर्भस्थ शिशु के बारे में कुछ नहीं बता पा रहा है। एसीपी ने बताया कि दोनों का डीएनए सैंपल लेकर मिलान कराया जाएगा।
परिजनों ने घर से निकाला था, नहीं कर रहे थे संपर्क
पुलिस पूछताछ में पता चला कि युवती 11 जुलाई को घर से निकाल दी गई थी। गर्भवती होने के कारण वह परेशान थी। गोले तो उसकी मदद कर रहा था लेकिन प्रांजुल की तरफ से उसे कोई मदद नहीं मिल रही थी। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस लगातार जांच पड़ताल कर रही है।
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