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आजम खां की बढ़ी मुश्किलें! जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की रेड, 494 करोड़ के खर्च का हिसाब तलाश रही एजेंसी

रामपुर। रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बीच उनके पुराने मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है। जल निगम भर्ती घोटाले से लेकर रामपुर में सीवरेज सिस्टम के निर्माण में कथित अनियमितताओं तक कई मामले अब फिर जांच के दायरे में हैं।

जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में बुधवार को ईडी ने विश्वविद्यालय परिसर के अलावा आजम खां के करीबियों और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने वित्तीय लेनदेन, ट्रस्ट की आय-व्यय और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की।

494 करोड़ रुपये के खर्च के स्रोत पर नजर

ईडी की मौजूदा जांच में जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण और उससे जुड़ी वित्तीय गतिविधियां अहम बताई जा रही हैं। जांच एजेंसी ट्रस्ट की आय, खर्च, दान और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत को खंगाल रही है। करीब 494 करोड़ रुपये के खर्च के स्रोत को लेकर भी जांच की जा रही है।

जांच का दायरा बढ़ने के साथ यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल हुई बड़ी रकम कहां से आई और ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों में नियमों का पालन हुआ या नहीं।

जल निगम भर्ती घोटाला भी बना परेशानी

आजम खां के मंत्री और जल निगम के अध्यक्ष रहने के दौरान हुई भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मामला भी उनके लिए कानूनी परेशानी का कारण बना हुआ है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे। जांच के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी।

इसके अलावा रामपुर में सीवरेज सिस्टम के निर्माण में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा मामला भी लंबित है। अलग-अलग मामलों में चल रही जांच के कारण आजम खां की कानूनी स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है।

2023 में भी हुई थी आयकर विभाग की कार्रवाई

जौहर विश्वविद्यालय और आजम खां से जुड़े मामलों में केंद्रीय एजेंसियां पहले भी कार्रवाई कर चुकी हैं। वर्ष 2023 में आयकर विभाग ने आजम खां के आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई करीब तीन दिन तक चली थी। इस दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य रिकॉर्ड की जांच की थी।

इससे पहले वर्ष 2022 में भी ईडी की ओर से छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। अब 2026 में जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में ईडी की नई कार्रवाई के बाद पुराने मामलों की फाइलें भी फिर चर्चा में आ गई हैं।

ईडी ने पहले मंगाया था 84 मुकदमों का रिकॉर्ड

सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा कार्रवाई से पहले ईडी ने रामपुर पुलिस से आजम खां और उनके परिवार से जुड़े मुकदमों की जानकारी मांगी थी। पुलिस ने आजम खां के खिलाफ दर्ज 84 मुकदमों का रिकॉर्ड, एफआईआर और चार्जशीट से संबंधित दस्तावेज ईडी को उपलब्ध कराए थे।

बताया जा रहा है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण से जुड़ी शिकायतों में सरकारी जमीन और शत्रु संपत्ति पर कथित कब्जे के आरोपों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के निर्माण में हुए खर्च के स्रोत पर भी सवाल उठाए गए थे। बाहरी लोगों से आर्थिक सहयोग के नाम पर कथित तौर पर काले धन के इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच का हिस्सा रहे हैं।

यूनिवर्सिटी परिसर में कड़ी सुरक्षा

ईडी की कार्रवाई के दौरान जौहर विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मुख्य गेट पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे, जबकि परिसर के भीतर सीआरपीएफ की मौजूदगी रही। बिना अनुमति किसी को भी परिसर में प्रवेश या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

ईडी की टीमों ने विश्वविद्यालय के अलग-अलग हिस्सों में जांच की। इसके अलावा पीपल टोला स्थित सीके एसोसिएट के कार्यालय और आवास तथा शौकत अली रोड स्थित कुछ ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।

फिलहाल ईडी की ओर से कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी को वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपों से जुड़े कौन-कौन से तथ्य मिले हैं।

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