'मेरी आंखों के सामने पति को मार डाला.', नालंदा में 1000 रुपये बकाया पर दंपति को तालिबानी सजा, पत्नी ने खिड़की से कूदकर बचाई जान

Nalanda Crime News: बिहार के नालंदा जिले से कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाली और हैवानियत की हदें पार करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां मात्र 1000 रुपये के बकाया कर्ज के विवाद में एक दबंग समूह ने ईंट-भट्ठा मजदूर दंपति को उनके घर से अगवा कर लिया.
इसके बाद दोनों को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया और बिजली के झटके (करंट) दिए गए. इस बर्बरता में दबंगों ने पत्नी की आंखों के सामने ही उसके पति की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी.
मृतक सुरेंद्र मांझी की पत्नी नौलेजा देवी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे दोनों ईंट-भट्ठे पर मजदूरी का काम करते हैं. उन्होंने कुछ रुपये उधार लिए थे, जिसमें से महज 1000 रुपये लौटाने बाकी थे.
नौलेजा देवी के अनुसार- दबंग जबरन हमें हमारे घर से उठाकर ले गए और एक पेड़ से बांध दिया. वहां हमारी बेरहमी से पिटाई की गई. इसके बाद एक कमरे के अंदर ले जाकर हमें बिजली के झटके दिए गए. जब उन्होंने मारना शुरू किया, तो हमने तुरंत बचे हुए 1000 रुपये उन्हें लौटा भी दिए. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मेरे पति को मेरी आंखों के सामने पीट-पीटकर मार डाला. मैं किसी तरह एक खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाकर भागी."
दबंगों और रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप
पीड़िता नौलेजा देवी ने पुलिस और मीडिया के सामने आरोपियों के नामों का खुलासा करते हुए बताया कि इस बर्बर घटना के लिए मुकेश यादव, मनीष, दिलखुश और उनकी चचेरी बहन मौली देवी मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं. पैसे लौटा देने के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने सुरेन्द्र मांझी को मौत के घाट उतार दिया.
इलाके में हड़कंप, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है. पीड़िता की शिकायत और आपबीती के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि कानून हाथ में लेने वाले और इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
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