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त्योहारी सीजन से पहले एलपीजी कीमतों पर बड़ा अपडेट, जानिए 12 साल में कितने बदले रसोई गैस के भाव.

 

त्योहारी सीजन से पहले एलपीजी कीमतों पर बड़ा अपडेट, जानिए 12 साल में कितने बदले रसोई गैस के भाव


अक्टूबर का महीना त्योहारी सीजन का महीना माना जाता है। ऐसे में घरों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट और छोटे स्ट्रीट वेंडर्स तक हर जगह एलपीजी सिलेंडर की खपत काफी बढ़ जाती है। नियम के मुताबिक हर साल 1 अक्टूबर को एलपीजी सिलेंडर के नए रेट अपडेट किए जाते हैं।


पिछले 12 सालों में मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। इस बार 1 अक्टूबर को जब नए रेट सामने आएंगे, तब यह साफ होगा कि आम जनता को झटका लगेगा या राहत मिलेगी। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि मोदी सरकार के इसी कार्यकाल में एक वक्त ऐसा भी आया था जब अक्टूबर के महीने में घरेलू सिलेंडर की कीमत महज 490 रुपये हुआ करती थी। जब मई 2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे, तब दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 928.50 रुपये थी।

साल दर साल कैसे बदलते गए एलपीजी सिलेंडर के दाम?

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के आधिकारिक प्राइस रिकॉर्ड के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले इंडेन सिलेंडर की कीमत अक्टूबर 2014 में 880 रुपये थी। इसके बाद कीमतों में गिरावट आई और अक्टूबर 2015 में यह घटकर 517.50 रुपये तथा अक्टूबर 2016 में अपने सबसे निचले स्तर यानी 490 रुपये पर आ गई। हालांकि, इसके बाद एलपीजी के दामों में लगातार तेजी का दौर शुरू हो गया। अक्टूबर 2017 में सिलेंडर की कीमत बढ़कर 649 रुपये और अक्टूबर 2018 में यह सीधे 879 रुपये पर जा पहुंची। हालांकि, अगले ही साल यानी अक्टूबर 2019 में कीमत में फिर कमी आई और यह घटकर 605 रुपये रह गई।

आईओसीएसी के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2020 में दिल्ली में 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 594 रुपये दर्ज की गई थी। इसके बाद कीमतों में फिर से इजाफा होना शुरू हुआ और अक्टूबर 2021 में यह बढ़कर 899.50 रुपये हो गई। साल 2022 में एलपीजी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया, जहां आईओसीएसी के रिकॉर्ड के मुताबिक 6 जुलाई 2022 को दिल्ली में इसकी कीमत 1,053 रुपये तक पहुंच गई थी। साल 2023 में 30 अगस्त को दाम घटकर 903 रुपये हुए और अक्टूबर 2022 व 2023 में सिलेंडर इसी कीमत पर बिकता रहा। इसके बाद मार्च 2024 में यह घटकर 803 रुपये पर आ गया था।

साल 2025 और 2026 में क्या रही स्थिति?

आईओसीएसी के आंकड़ों के मुताबिक, 8 अप्रैल 2025 को दिल्ली में 14.2 किलो वाले बिना सब्सिडी वाले इंडेन सिलेंडर की कीमत 853 रुपये तय की गई थी, और अक्टूबर 2025 में भी यही भाव बना रहा। इसके बाद इस साल यानी 7 मार्च 2026 को कीमत बढ़कर 913 रुपये हो गई। इसके कुछ समय बाद 7 जून 2026 को दिल्ली में 14.2 किलो इंडेन सिलेंडर की कीमत बढ़कर 942 रुपये पर पहुंच गई और तब से लेकर आज 29 सितंबर तक यह इसी स्थिर कीमत पर बनी हुई है।

कैसे तय होती है एलपीजी सिलेंडर की कीमत?

भारत में एलपीजी की कीमतों के निर्धारण के लिए अरब गल्फ बेंचमार्क को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इंडियन ऑयल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतें घटने या बढ़ने का सीधा असर भारत की लागत पर पड़ता है। आईओसीएसी ने साल 2018 में यह स्पष्ट किया था कि एलपीजी की प्राइसिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय एलपीजी रेट को बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, और तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पिछले महीने के औसत बेंचमार्क तथा विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर कीमतों में संशोधन करती हैं।

हालांकि, घरेलू 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत को पूरी तरह से बाजार के भरोसे नहीं छोड़ा जाता है। सरकार जरूरत पड़ने पर कीमतों को नियंत्रित और स्थिर रखने के लिए ओएमसी को निर्देश दे सकती है। उदाहरण के लिए, मई 2026 में आईओसीएसी ने यह बात साफ की थी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू एलपीजी की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया, ताकि आम घरेलू उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली मूल्य वृद्धि के भारी झटके से बचाया जा सके। इसका सीधा मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी महंगी होने का यह कतई मतलब नहीं होता कि उसी अनुपात में घरेलू सिलेंडर भी महंगा हो जाए। 

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