लड़की ने Porter वाले को पकड़ाया कुत्ता, बोली- "भैया इसे बहन के घर छोड़ आओ". डिलीवरी बॉय ने जो जवाब दिया, सुनकर भीड़ जमा हो गई
भाई साहब, आजकल ऑनलाइन बुकिंग की दुनिया में क्या-क्या देखने को मिल जाए, इसका कोई भरोसा नहीं! कभी खाना पहुंचाना होता है, कभी सामान और कभी कोई जरूरी कागज... लेकिन इस बार एक लड़की ने ऐसी बुकिंग कर दी कि डिलीवरी बॉय भी कुछ पल के लिए सोच में पड़ गया कि आखिर उसके साथ हो क्या रहा है!
कहानी शुरू होती है एक लड़की के Porter बुक करने से।
कुछ देर बाद डिलीवरी बॉय उसके दरवाजे पर पहुंचा और बड़े आराम से पूछा,
"मैडम, पार्सल दे दीजिए। क्या सामान है?"
लड़की ने बिना कुछ कहे सामने खड़े अपने प्यारे से कुत्ते को पकड़कर डिलीवरी बॉय के हवाले करने की कोशिश कर दी।
बोली,
"यही पार्सल है। मेरी बहन के घर छोड़ना है। बस 5 किलोमीटर दूर है।"
डिलीवरी बॉय ने जैसे ही कुत्ते को देखा, उसके चेहरे के भाव ही बदल गए।
वह बोला,
"मैडम, हम सामान और पैकेट पहुंचाते हैं... ये तो जिंदा जानवर है! इसे मैं बाइक पर कैसे ले जाऊं?"
लेकिन लड़की भी अपनी बात पर अड़ी हुई थी।
उसने कहा,
"भैया, बुकिंग तो डिलीवरी की ही हुई है ना? सामान के पैसे दे रही हूं। ऐप में 'Other Items' का ऑप्शन भी है। अब इसे मेरी बहन के घर पहुंचा दो।"
अब डिलीवरी बॉय ने थोड़ा गंभीर होकर समझाया,
"मैडम, बात पैसों की नहीं है। अगर रास्ते में ये डर गया, बाइक से कूद गया या मुझे काट लिया तो? सबसे बड़ी बात, अगर इसे कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?"
लड़की ने फिर कहा,
"अरे कुछ नहीं होगा। बहुत शांत है मेरा डॉगी। आराम से बैठा रहेगा।"
डिलीवरी बॉय ने साफ मना कर दिया।
उसने कहा कि सामान्य डिलीवरी सेवा में जीवित जानवर को इस तरह ले जाना सुरक्षित नहीं है। उसके पास न तो जानवरों के लिए सुरक्षित कैरियर है और न ही ऐसी यात्रा के लिए जरूरी व्यवस्था।
इतने में आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए।
कुछ लोग लड़की की तरफ से बोलने लगे,
"अरे भाई, छोटा सा कुत्ता ही तो है। पांच किलोमीटर की ही तो बात है।"
लेकिन कुछ लोगों ने डिलीवरी बॉय की बात का समर्थन किया।
उन्होंने कहा,
"कुत्ता कोई सामान का पैकेट नहीं है। रास्ते में डर गया तो बाइक से गिर सकता है। जानवर को चोट लग सकती है और ड्राइवर की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।"
मामला बढ़ता देख आखिरकार डिलीवरी बॉय ने राइड कैंसिल कर दी और ग्राहक सहायता केंद्र को इसकी जानकारी दे दी।
लड़की भी नाराज होकर अपने कुत्ते को लेकर वापस घर चली गई।
लेकिन इस पूरी घटना ने एक जरूरी सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
पालतू जानवर हमारे लिए सिर्फ कोई सामान नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा होते हैं। इसलिए उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों का ध्यान रखा जाए।
सिर्फ यह सोचकर कि "5 किलोमीटर ही तो है", किसी जीवित जानवर को सामान्य सामान की तरह बाइक पर भेज देना सही नहीं माना जा सकता।
और डिलीवरी बॉय के लिए भी मामला सिर्फ एक पार्सल पहुंचाने का नहीं था। उसे अपनी सुरक्षा के साथ उस बेजुबान की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी देखनी थी।
कभी-कभी कुछ रुपये बचाने या सुविधा के चक्कर में हम यह भूल जाते हैं कि सामने कोई निर्जीव सामान नहीं, बल्कि एक ऐसा जीव है जो बोलकर अपनी परेशानी नहीं बता सकता।
आप बताइए-इस मामले में लड़की की मांग सही थी या डिलीवरी बॉय का मना करना?

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