Recent Posts

Breaking News

मारपीट से बचने के लिए छत से कूदा दीपक! मिलने नहीं देते थे.. वृंदावन आश्रम में दीपक की मौत पर CBI जांच की मांग.

 

मारपीट से बचने के लिए छत से कूदा दीपक! मिलने नहीं देते थे.. वृंदावन आश्रम में दीपक की मौत पर CBI जांच की मांग


जबलपुर के परसवाड़ा गांव के रहने वाले दीपक लोधी पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन स्थित आश्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. मौत को करीब सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिजनों का दावा है कि अब तक उनसे मामले की जांच को लेकर किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया है.


परिवार ने आश्रम में दीपक से मुलाकात नहीं होने और उसकी मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों ने यह दावा किया कि उसके साथ मारपीट हुई और मारपीट से बचने छत से कूद गया होगा. इस मामले की CBI जांच होनी चाहिए.

दीपक लोधी पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण जबलपुर के परसवाड़ा गांव का रहने वाला था. करीब 15 साल की उम्र से ही उसका अध्यात्म की ओर झुकाव था. करीब आठ साल पहले वह वृंदावन चला गया और प्रेमानंद महाराज के संपर्क में आने के बाद उसने दीक्षा ली. इसके बाद उसका नाम रसिक दुलारी हो गया और वह आश्रम में रहकर आध्यात्मिक जीवन जीने लगा. लेकिन कुछ दिन पहले परिवार को दीपक की मौत की खबर मिली.

परिजनों के मुताबिक, चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद उसकी मौत हुई. परिवार का कहना है कि मौत की परिस्थितियों को लेकर सामने आए एक वीडियो ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. परिजन किसी पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. वीडियो वायरल के सवाल पर परिजनों ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि दीपक के साथ कमरे के अंदर पहले मारपीट किया गया उसके बाद डर के मारे कूद गया होगा. हालांकि, CBI जांच की मांग की है.

दीपक से मिलने में हो रही थी परेशानी
परिजनों का दावा है कि पिछले करीब दो साल से उन्हें दीपक से मिलने में परेशानी होती थी. परिवार जब आश्रम पहुंचता तो कथित तौर पर सेवादार उन्हें बाहर इंतजार करने के लिए कहते. घंटों इंतजार के बाद भी कई बार मुलाकात नहीं हो पाती थी. परिजनों का कहना है कि दीपक से मिलने का अगला मौका आया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

परिजनों के मुताबिक, दीपक का जीवन शुरू से ही अध्यात्म और पूजा-पाठ के प्रति समर्पित रहा. परिवार का कहना है कि वह पहले समर्थ भैया सरकार के साथ नर्मदा परिक्रमा भी कर चुका था. यही वजह है कि उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है.

No comments