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Himachal: इंटरनेट पर बैठे चोरों से सावधान, हो न जाएं शिकार

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Shimla: हिमाचल प्रदेश में साइबर क्राइम का अटैक इस कद्र है कि कोई भी इससे अछूता नहीं रहा है। हैरानजनक तो यह है कि साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले अपराधी हिमाचल से नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से हैं। इसमें बंगलूर, मुंबई, कोलकाता के अपराधी शामिल हैं। राज्य साइबर क्राइम की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 90 प्रतिशत लोग बंगलूर, मुंबई और कोलकाता से हैं, जिन्होंने हिमाचल के हर वर्ग के लोगों की आईडी को हैक कर उनसे लाखों की नकदी हड़पी है। 

इसके अलावा पांच प्रतिशत अपराधी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से हैं, जिन्होंने हिमाचल के लोगों के सोशल अकाउंट का दुरुपयोग कर उनसे दोस्ती के नाम से कई हजारों रुपए वसूले हैं। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक तीन प्रतिशत लोग हिमाचल के भी ऐसे हैं, जिन्होंने अपने जानकारों की आईडी को हैक कर गलत इस्तेमाल किया है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल के हैकर्स ने अभी तक बहुत बड़े साइबर अपराध को अंजाम नहीं दिया है। 

उसमें सिर्फ कई युवाओं ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ब्रेकअप होने के बाद दूसरी फेसबुक आईडी जैसे हथकंडे ही अपनाए हैं। बताया जा रहा है कि हिमाचल में कोई भी बड़ा ऐसा हैकर नहीं पकड़ा गया है, जिसने बड़ी नकदी पर हाथ साफ किया हो। हिमाचल साइबर क्राइम में तीन साल में 1500 शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में 700 मामले ऑनलाइन नकद हड़पने के है। वहीं 600 मामले सोशल मीडिया को हैक कर गलत इस्तेमाल करने की शिकायतें हैं। साइबर क्राइम रिपोर्ट में 300 मामले ऐसे हैं, जिसमें एक नाम से दो आईडी किसी को बदनाम करने के लिए बनाई गई है।

जानकारी न होने से हो रहा नुकसान

फेसबुक , इंस्ट्राग्राम व अन्य साइट को लोगों द्वारा इस्तेमाल में लाया जा रहा है, लेकिन उसके बारे में अधिक जानकारी न होने की वजह से उस पर कई ऐसी जानकारियां भी डाल रहे हैं, जिससे खासा नुकसान हो रहा है। पुलिस विभाग के साइबर क्राइम ब्रांच का मानना है कि लोगों को अपने सोशल साइट पर मोबाइल नंबर नहीं डालना चाहिए, इससे हैकर्स को आईडी हैक करना आसान हो जाता है। जानकारी के अनुसार हिमाचल में उन लोगों की ही फेसबुक आईडी का गलत इस्तेमाल हुआ है, जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया है। ऐसे में अब पुलिस प्रशासन पहले से ही लोगों को इस बाबत यह आह्वान कर चुके हैं कि सोशल साइट पर मोबाइल नंबर का प्रयोग न करें।

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