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Shimla: 15वें वित्त आयोग ने खोला खजाना


शिमला – वित्त आयोग की सिफारिशों में मिलने वाली ग्रांट में हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर रहा है। केरल के बाद हिमाचल को राजस्व घाटा पूर्ति के लिए सबसे अधिक ग्रांट दिए जाने की सिफारिश इस दस्तावेज में की गई है। 15वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुसार केरल को जहां 15 हजार करोड़ मिलेंगे, वहीं हिमाचल को सालाना 11 हजार करोड़ की ग्रांट मिलेगी, जिससे यहां पर कर्मचारियों के वेतन व पेंशन की समस्या दूर हो जाएगी। इस पर लगभग इतना ही पैसा सरकार सालाना खर्च करती है, जो वहां से मिल जाएगी और यहां सरकार को कर्जा नहीं उठाना पड़ेगा। 

जानकारी के अनुसार पड़ोसी राज्य पंजाब को सात हजार करोड़ व उत्तराखंड को पांच हजार करोड़ रुपए ही इस ग्रांट के रूप में मिलेंगे। वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट वर्ष 2021 से 2025 तक लागू होगी।  वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश को 11431 करोड़ की राजस्व घाटा अनुदान देने की सिफारिश की है। आगामी वित्त वर्ष के लिए राजस्व घाटा अनुदान की राशि मिलेगी। 14वें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत प्रदेश को पांच साल में कुल 40625 करोड़ की राजस्व घाटा अनुदान राशि मिली थी। करीब आठ हजार करोड़ की राशि इस मद में हर साल मिली, मगर 15वें वित्तायोग की सिफारिशों के बाद पहले साल में ही इसमें करीब तीन हजार करोड़ का इजाफा हुआ है। 

वित्त आयोग ने प्रदेश को केंद्रीय करों में से 41 फीसदी राशि हस्तांतरित करने को कहा है। हालांकि 14वें वित्तायोग की सिफारिशों के मुकाबले कर हस्तांतरण के एवज मिलने वाली राशि में एक फीसदी की कमी हुई है, बावजूद इसके 2020.21 में प्रदेश को इस मद में 6833 करोड़ की रकम मिलेगी। 14वें वित्तायोग की सिफारिशों के मुताबिक प्रदेश को केंद्रीय करों के हस्तांतरण की एवज कुल 28225 करोड़ की रकम मिली थी। इन सिफारिशों के तहत प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2020.21 में 429 करोड़ तथा शहरी निकायों को 609 करोड़ की रकम मिलेगी। पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकायों को केंद्र सरकार से  मिलने वाली मदद में 0.71 फीसदी हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की भी होगी। कुल मिलाकर 15वें वित्तायोग ने हिमाचल की खस्ता वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर अधिक मदद की सिफारिश की है।

मदद का आंकड़ा बढ़ा

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में ग्रांट को बढ़ाया है, जिसके लिए राज्य सरकार वित्तायोग व केंद्र सरकार खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताती है। राज्य सरकार ने अपनी परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराया था, जिसके चलते पिछले साल के मुकाबले मदद का आंकड़ा बढ़ा है।

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