Chamba: पांगी में ‘खाणी पीणी मौज मनाणी’

चंबा – पांगी जनपद का पारंपरिक जुकारू उत्सव रविवार को मुख्यालय स्थित नैयर पैलेस में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय में रहने वाले पांगी के बुजुर्गो व युवाओं ने एक- दूसरे के गले मिलकर जुकारू उत्सव की खुशियां बांटी। इस दौरान पांगी के कालेज छात्रों ने पंगवाली लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर उत्सव की खुशियों को दोगुना कर दिया। उन्होंने पांगी रे देशा जुकारू उत्सव खाणी पीणी मौज मनाणी सहित अन्य गीतों पर बेहतरीन नृत्य पेश किए। जुकारू उत्सव में दोपहर बाद सामूहिक प्रीति भोज का आयोजन भी किया गया।
जानकारी के अनुसार जुकारू उत्सव सर्दियों के माघ माह के अंत में राजा बलि की पूजा- अर्चना से आरंभ होकर करीब एक माह तक चलता रहता है। घाटी के लोगों का कहना है कि ब्रह्म मूहूर्त में वरुण देवता के सम्मान में पनिहार से पानी लाकर घर में इसका छिड़काव किया जाता है। इस दौरान घाटी में मौसम के खुलने के बाद लोग एक- दूसरे घरों में जाकर उनका कुशलक्षेम पूछते हैं। जुकारू उत्सव का संदर्भ घाटी में मौसम खुलने से है। बर्फ की कैद में रहने के बाद यहां पर मौसम के खुलते ही लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं। आपस में चाहे जितनी भी रंजिश हो, लेकिन इस उत्सव के दौरान लोग इसे भूलकर एक-दूसरे के गले मिलते हैं।
पांगी घाटी कल्याण संघ के अध्यक्ष व सभी पदाधिकारियों ने घाटी के लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पांगी कल्याण सभा के प्रधान भगत बड़ोत्रा ने बताया कि घाटी के लोग लंबे समय से उत्सव की तैयारी पूरी कर ली गई थी। पांगी में लगतार एक माह तक इस उत्सव की धूम रहती है। इस उत्सव की मुख्य विशेषता यह है कि पांगी घाटी के लोग जिला के किसी भी स्थान पर रहते हो वहां मिलकर इस उत्सव को मनाते हैं। इस मौके पर पांगी कल्याण संघ के मुख्य सलाहकार बी आर भारद्धाज, लेखराज ठाकुर, एक्सईन पीडब्ल्यूडी जीत सिंह ठाकुर, बिजली बोर्ड के रिटायर्ड एसई राजिंद्र ठाकुर, सुभाष चौहान व किशन चंद ठाकुर व संघ के सदस्यों सहित काफी तादाद में लोग मौजूद रहे।
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