Recent Posts

Breaking News

Himachal Curfew: कोरोना से मौत के बाद हिमाचल में अनिश्चितकाल तक कर्फ्यू

कोरोना वायरस: हिमाचल में कर्फ्यू

हिमाचल सरकार ने देश में कोरोना वायरस को देखते हुए और हिमाचल में पहली मौत के बाद पूरे प्रदेश में मंगलवार शाम पांच बजे से आगामी आदेशों तक कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य में स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। हालांकि सोमवार को पूरे प्रदेश को लॉकडाउन कर दिया गया था, लेकिन वाहन चालक और कई लोग शहर-बाजार के लिए निकलते ्रहे। इसलिए अब पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित की है, ताकि राज्य के लोगों को कोई कठिनाई न हो और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो।

कांगड़ा जिला की समन्वय समिति का नेतृत्व विधान सभा अध्यक्ष विपिन परमार करेंगे। मंडी का नेतृत्व जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, शिमला और किन्नौर जिले का शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, बिलासपुर का शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी, लाहौल-स्पीति का कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, ऊना का ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर, हमीरपुर का उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, कुल्लू का वन मंत्री गोविंद ठाकुर, सोलन का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल, चंबा जिले का विधानसभा उपाध्यक्ष हंस राज और सिरमौर जिले का नेतृत्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त राज्य में कोरोना वायरस को फैलने से बचाव के लिए लागू कर्फ्यू के कारण लोगों को असुविधा न हो, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी की निगरानी के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान और सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अमिताभ अवस्थी आदि भी मौजूद रहे।

प्रदेश की सभी 3226 पंचायतों में मुफ्त बंटेंगे मास्क और सैनिटाइजर  
राज्य सरकार कोरोना वायरस के खतरों से बचाव के लिए प्रदेश की सभी 3226 पंचायतों में मुफ्त मास्क और सैनिटाइजर वितरित करेगी। 14 वें वित्तायोग की धनराशि से पंचायतें खुद इन्हें खरीदेंगी और सभी पंचायतवासियों को वितरित करेंगी। क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों के तैयार मास्क भी पंचायतें खरीद सकेंगी, ताकि मास्क की कमी न हो।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव आरएन बत्ता ने मंगलवार को सभी खंड विकास अधिकारियों को इसके लिखित आदेश जारी किए हैं। इस पत्र की प्रति सभी उपायुक्तों और जिला पंचायत अधिकारियों को भी भेजी है। पंचायतों को सैनिटाइजर और वायरस के खरीद और वितरण का लेखा-जोखा रखना होगा। राज्य के पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।

बहुत जरूरी हो तभी बैंक आएं ग्राहक : बालनाटाह
 राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाटाह ने ग्राहकों से बहुत अधिक जरूरत पड़ने पर ही बैंक आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व भर में तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस से निपटने के लिए बचाव ही सबसे बड़ा साधन है। इस महामारी को देखते हुए ग्राहक अपने घरों से बाहर न निकलें और सरकार से जारी निर्देषों का अनुपालन करें।

उन्होंने बैंक ग्राहकों से अपील की कि अगर बहुत ही आवश्यक हो तभी वे बैंक शाखा में लेन-देन के लिए आएं। नकदी की आवश्यकता के लिए एटीएम का उपयोग करें। बैंक संबंधी भुगतान डिजिटल माध्यम, मोबाइल बैंकिंग, डेबिट कार्ड इत्यादि के माध्यम से ही करें। उन्होंने बताया कि बैंक ने भी 50 प्रतिशत रोटेशन के आधार पर अपने कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने बारे हिदायतें दे दी हैं। बैंक में ग्राहक कार्य सुबह 10 बजे से लेकर 2 बजे तक भी कर दिया है।

उद्योगपतियों और कामगारों की पैदल आवाजाही पर प्रतिबंध
 बीबीएन और परवाणू में अब उद्योगपति और कामगार पैदल आवाजाही नहीं कर पाएंगे। उद्योगों के कामगारों को एक ही स्थान पर रहना होगा। वहां से कंपनी की गाड़ी उन्हें उद्योग तक ले जाएगी। छुट्टी के बाद यह गाड़ी मजदूरों को उनकी रिहायश तक छोड़ेगी। प्रशासन ने संबंधित कंपनियों को अपने कर्मचारियों को विश्राम गृह या होटल में ठहराने की व्यवस्था करने को कहा है।

इसका खर्च संबंधित कंपनियों को ही उठाना होगा। यह निर्णय मजदूरों की बार-बार लग रही भीड़ और उनके एक जगह से दूसरी जगह भीड़ में जाने से बढ़ रहे खतरे को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जिन होटल या विश्रामगृह में मजदूरों को ठहराया जाएगा। जिले में सभी उद्योगपतियों और उनके कामगारों की आवाजाही पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन सभी को प्रदेश में ही रहना होगा। उपमंडलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन होटलों, गेस्ट हाउसों में उद्योगपतियों और कामगारों के अलावा कोई अन्य ठहरे। 

अल्ट्राटैक और अंबुजा सीमेंट उद्योग  में उत्पादन बंद, कर्मचारियों को छुट्टी
अल्ट्राटैक और अंबुजा सीमेंट उद्योग कोरोना वायरस की वजह से बंद कर दिए गए हैं। दोनों उद्योगों को अनिश्चित काल के लिए बंद किया गया है। उद्योग प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को घर जाने को कहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए थे। मंगलवार को इन आदेशों पर अमल करते हुए उद्योग प्रबंधन ने उत्पादन बंद कर दिया और कामगारों को छुट्टी दे दी।

अल्ट्राटैक सीमेंट कंपनी बागा के प्रबंधक नरेश मावा ने कहा कि कोरोना वायरस से कोई संक्रमित न हो उसको ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को अनिश्चित काल के लिए अवकाश दे दिया है। इधर, अंबुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट के यूनिट हेड अनुपम अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के दोनों प्लांटों को बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं तथा सरकार के आगामी आदेशों के अनुसार ही इन्हें चलाया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों को आदेश दिए हैं कि वह सैनिटाइजर और मास्क का अधिक उपयोग करें। 

नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजना में आधा कर दिया स्टाफ
कोरोना वायरस के चलते सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी परियोजना में कार्यरत स्टाफ की संख्या घटाकर आधे से भी कम कर दी है। परियोजना प्रमुख रवि चंद्र नेगी ने बताया परियोजना के सभी कार्यालयों में रोस्टर लागू कर दिया गया है। रोस्टर ऐसे तैयार किया गया है कि इसके लागू होने के बाद कार्यालयों में स्टाफ की संख्या पचास प्रतिशत से भी कम हो जाएगी। नाथपा झाकड़ी परियोजना में वर्तमान समय में चार सौ से अधिक रेगुलर और 600 के करीब मेंटेनेंस स्टाफ काम कर रहा है। 

वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर परियोजना प्रबंधन ने स्टाफ में कटौती करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देशानुसार सभी कार्यालयों में स्टाफ को आधा से ज्यादा कम कर दिया गया है। कार्यालयों में सोशल डिस्टेंस मेंटेन किया जा रहा है, ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। पावर हाउस और कार्यालयों में विजिटर के आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। परियोजना क्षेत्र और कार्यालयों को निरंतर सैनिटाइज किया जा रहा है। जरूरी सेवाओं के लिए वाहनों को चलाने की परमिशन भी ली जा रही है। 


No comments